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व्यंग्य: चुनाव नतीजे और चव्हाण की विशलिस्ट

महाराष्ट्र विधानसभा के नतीजे आना शुरू हो गए हैं और सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का हारना तय ही है. बीजेपी-शिवसेना इतने दिनों की खटास के बाद अब जिस तरह से पास-पास आ रही है कि आशंका है किसी भी समय पुरानी फिल्मों के क्लाइमैक्स का 'इस दुश्मनी को भुलाकर हम फिर से रिश्तेदार क्यों न बन जाएं' वाला डायलॉग सुनने को न मिल जाए.

पृथ्वीराज चव्हाण की फाइल फोटो पृथ्वीराज चव्हाण की फाइल फोटो

महाराष्ट्र विधानसभा के नतीजे आना शुरू हो गए हैं और सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का हारना तय ही है. बीजेपी-शिवसेना इतने दिनों की खटास के बाद अब जिस तरह से पास-पास आ रही है कि आशंका है किसी भी समय पुरानी फिल्मों के क्लाइमैक्स का 'इस दुश्मनी को भुलाकर हम फिर से रिश्तेदार क्यों न बन जाएं' वाला डायलॉग सुनने को न मिल जाए.

इस मौके पर जब कांग्रेस के हालिया मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण से बात की गई तो उनका कहना था, 'सबसे पहले तो मैं सोनिया जी और राहुल गांधी का धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने इन चुनावों में हम पर विश्वास किया. इन चुनावी नतीजों से हम हताश बिलकुल नहीं है, क्योंकि इकलौते इस राज्य में हमारी जितनी सीटें आ रही हैं, उतनी तो लोकसभा चुनावों में देशभर में नहीं आईं थी. रेशियो के हिसाब से तो हम अब भी घाटे में नहीं हैं. बीजेपी को खुश होने की जरुरत नहीं है उन्हें अब तक बहुमत नहीं मिला है, 145 सीटों से वो अब भी बहुत दूर हैं.'

इसके आगे भविष्य में क्या होगा पूछने पर वो हम हार के कारणों की समीक्षा करेंगे, कहते हुए उठकर चले गए. भविष्य में क्या होगा ये तो पता नहीं पर एक बात पक्की है, आज रात पृथ्वीराज चव्हाण अपनी निजी डायरी की विशलिस्ट में 'कॉफी विद करन' में आलिया भट्ट के गलती से कहे ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया- पृथ्वीराज चव्हाण’ को सबसे ऊपर लिख, सही साबित करने का संकल्प फिर से लेंगे.

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