मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले एक बार फिर मंदिर-मस्जिद की राजनीति शुरू हो गई है. दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस जनता को लुभाने में जुटी हैं. दरसअल, हाल के दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जो बीजेपी को हजम नहीं हो रही है.
'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राहुल के 'मंदिर प्रेम' के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'पहले चुनाव देखकर नानी याद आती थी, आजकल राम और शिव आ रहे हैं.' उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और भगवान भी जानते हैं कि सच्चा भक्त कौन है.
शिवराज की मानें तो चुनाव से पहले राहुल के मंदिर वाले पोस्टर जनता को भ्रमित करने के लिए लगाए गए हैं. लेकिन जनता होशियार है, उसे बहकाना आसान नहीं है. कुछ लोगों को चुनाव आते ही भगवान याद आते हैं. ऐसे लोगों से भगवान भी खुश नहीं होते हैं. भगवान भी जानते हैं कि ये क्यों आ रहा है.
शिवराज ने कहा कि उनका मंदिर जाना राजनीति से प्रेरित नहीं है. उन्होंने कहा, 'मैं महाकाल की सवारी में हमेशा जाता हूं और पैदल चलता हूं. मंदिर को चुनाव का केंद्र कभी नहीं मानते हैं. हर नवरात्रि, जन्माष्टमी, शिवरात्रि को व्रत रखता हूं और ये वर्षों से करता आया हूं.' जनता भी सबकी सच्चाई जानती है.
इसके अलावा शिवराज ने कहा कि अभी उन्हें राज्य के लिए बहुत कुछ करना बाकी है. मध्य प्रदेश को देश का नंबर वन स्टेट बनाने के लिए रोड मैप बना लिया है और जल्द उसपर काम शुरू कर दिया जाएगा.
अपने रोडमैप पर बात करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि उनकी सरकार कृषि में बड़े सुधार कर रही है और अब किसानों की आमदनी में बड़ा इजाफा करने की तैयारी है. शिवराज सिंह ने कहा कि बीते दो साल में राज्य में 2 लाख करोड़ का निवेश आया है. इस निवेश के चलते राज्य में बड़े रोजगार आए हैं और अब इस रोजगार को और बढ़ाने की जरूरत है.
2013 में क्या थे राज्य के चुनावी नतीजे
मध्य प्रदेश में कुल 231 विधानसभा सीटें हैं. 230 सीटों पर चुनाव होते हैं जबकि एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है. इनमें से 35 अनुसूचित जाति वर्ग के लिए और 47 अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं. राज्य में तकरीबन 15 फीसदी दलित और 21 फीसदी आदिवासी मतदाता हैं.
2013 के चुनाव में राज्य की 230 विधानसभा सीटें में से बीजेपी को 165, कांग्रेस को 58, बसपा को 4 और अन्य को तीन सीटें मिली थीं. बता दें कि बीजेपी राज्य की सत्ता पर पिछले 15 साल से काबिज है.