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मध्‍य प्रदेश में करीब 4 लाख मतदाताओं को रास नहीं आए उम्मीदवार, दबाया NOTA का बटन

मध्य प्रदेश के लगभग चार लाख मतदाताओं को लोकसभा चुनाव के दौरान एक भी उम्मीदवार रास नहीं आया. यही कारण है कि उन्होंने NOTA (इनमें से कोई नहीं) बटन का इस्तेमाल किया.

मध्य प्रदेश के लगभग चार लाख मतदाताओं को लोकसभा चुनाव के दौरान एक भी उम्मीदवार रास नहीं आया. यही कारण है कि उन्होंने NOTA (इनमें से कोई नहीं) बटन का इस्तेमाल किया.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 29 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनाव में तीन लाख 91 हजार 797 मतदाताओं ने ईवीएम और डाक-मतपत्र में नोटा का इस्तेमाल किया. मतदाताओं द्वारा NOTA का सबसे अधिक उपयोग रतलाम संसदीय क्षेत्र में हुआ, जहां 30 हजार 364 मतदाताओं ने NOTA का बटन दबाया. ग्वालियर में सबसे कम 4,219 वोटर ने NOTA का उपयोग किया.

गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग ने ईवीएम और डाक मत पत्र में पहली बार 'इनमें से कोई नहीं' (NOTA) को नवंबर-दिसंबर, 2013 में पांच राज्य में हुए चुनाव में शामिल किया था. आयोग के निर्देशानुसार नोटा के विकल्प के अंतर्गत प्राप्त मतों की गणना अवैध मतों के रूप में की जाती है. आयोग ने जमानत जब्त होने की गणना उम्‍मीदवारों को मिले कुल वैध मतों के आधार पर ही करने के निर्देश दिए थे. पिछले विधानसभा चुनाव में 6 लाख 43 हजार 144 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया था.

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