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मोदी ने छुए सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर और आजाद हिंद फौज के सदस्य कर्नल निजामुद्दीन के पांव

वाराणसी में गुरुवार को मोदी के शक्ति प्रदर्शन के बीच ऐसा दृश्य सामने आया जिसे देखकर सब हैरान रह गए. मंच पर अचानक एक 103 साल का बुजुर्ग आया और मोदी ने रैली में मौजूद हजारों लोगों के सामने उसके पांव छू लिए.

मोदी ने छुए सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर और आजाद हिंद फौज के सदस्य के पांव मोदी ने छुए सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर और आजाद हिंद फौज के सदस्य के पांव

वाराणसी में गुरुवार को मोदी के शक्ति प्रदर्शन के बीच ऐसा दृश्य सामने आया जिसे देखकर सब हैरान रह गए. मंच पर अचानक एक 103 साल का बुजुर्ग आया और मोदी ने रैली में मौजूद हजारों लोगों के सामने उसके पांव छू लिए.

रोहनिया की रैली में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने इस शख्स के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. मोदी के ऐसा करते ही सब ये जानने को उतावले हो उठे कि आखिर ये शख्स है कौन? लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा मोदी ने भाषण के दौरान ही इस राज से पर्दा उठाया. मोदी ने कहा - ‘मुझे बताया गया है कि कर्नल निजामुद्दीन की उम्र 103 साल से ज्यादा है और मेरा सौभाग्य है कि वो इतनी दूर से मेरे जैसे आदमी को आशीर्वाद देने आए हैं. मैं उनका आभारी हूं.’

कौन हैं कर्नल निजामुद्दीन
दरअसल इस बुजुर्ग शख्स का नाम है कर्नल निजामुद्दीन, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के सदस्य रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक कर्नल निजामुद्दीन सुभाष चंद्र बोस की गाड़ी चलाया करते थे. 11 भाषाएं जानने वाले कर्नल साहब गजब के निशानेबाज रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक जंग के दौरान उन्होंने एक बार अंग्रेजों का एक विमान भी मार गिराया था.

लेकिन मोदी की रैली में इनकी मौजूदगी को विरोधी पचा नहीं पा रहे हैं. वो भी चुनाव के वक्त-बनारस के समीकरण को देखते हुए विरोधी इसे भी अल्पसंख्यक को रिझाने की एक कोशिश करार दे रहे हैं.

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