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ग्रहों के अद्भुत संयोग के बीच प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे मोदी

देश की उम्मीदों के नायक, बनारस के सांसद और भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएम पद की शपथ के समय ग्रहों का अद्भुत योग रहेगा. महत्वपूर्ण ग्रह योग ही उनके कार्यकाल को यादगार बनाएंगें. मोदी 26 मई को शाम 6 बजे राष्‍ट्रपति भवन में शपथ लेंगे.

भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

देश की उम्मीदों के नायक, बनारस के सांसद और भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएम पद की शपथ के समय ग्रहों का अद्भुत योग रहेगा. महत्वपूर्ण ग्रह योग ही उनके कार्यकाल को यादगार बनाएंगें. मोदी 26 मई को शाम 6 बजे राष्‍ट्रपति भवन में शपथ लेंगे.

वाराणसी के प्रख्यात ज्योतिषि पं. दीपक मालवीय ने बताया कि शपथ के समय तुला लग्न और भरणी नक्षत्र रहेगा. मोदी का वृश्चिक लग्न में जन्म और तुला लग्न में शपथ महत्वपूर्ण योग है. उस दिन सूर्य और मंगल काफी प्रबल रहेगा. सूर्य की दृष्टि वृश्चिक लग्न पर पड़ेगी. बुद्ध, बृहस्पति और शुक्र सामान्य स्थिति में रहेंगे. इससे मोदी का परामर्श मंडल तो मजबूत होगा ही, पांच साल तक उन्हें कोई हिला नहीं पाएगा.

स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर हो सकती है समस्‍या
पं. दीपक मालवीय के मुताबिक, 27 नक्षत्रों में एक भरणी नक्षत्र कमजोर होने के कारण नरेंद्र मोदी के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. मोदी की जन्म कुंडली में कई उत्तम ग्रहों के योग ने राजयोग बनाया है. वर्तमान समय में मोदी चन्द्र ग्रह की 10 वर्षीय महादशा के प्रभाव में है, जो अक्टूबर 2020 तक बनी रहेगी.

ज्योतिषाचार्य डॉ. कामेश्वर उपाध्याय का कहना है कि नरेंद्र दामोदर दास मोदी का जन्म अनुराधा नक्षत्र 17 सितंबर 1950 को वृश्चिक लग्न में हुआ है. शपथ के समय भी वृश्चिक लग्न रहेगा. मोदी की कुंडली में ग्रहों का परिवर्तन 1 नवंबर 2014 से शुरू होगा. शनि तुला से वृश्चिक में जाएगा. ऐसे में मोदी के निर्णय से परिवर्तन आएगा. शपथ ग्रहण गोधूलि बेला में हो रहा है, जो बहुत उपयुक्त है.

दूसरी ओर, बनारस के सांसद नरेंद्र मोदी के पीएम पद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वालों की भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे 25 मई को बनारस से दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेन चलाएगा.

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