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सांप्रदायिक बयानबाजी पर अमित, गिरिराज पर मैंने कार्रवाई की: मोदी

बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने सांप्रदायिक बयान देने वाले अपनी पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई की, जिससे की इस तरह की बातों की पुनरावृत्ति न हो.

नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी

बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने सांप्रदायिक बयान देने वाले अपनी पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई की, जिससे की इस तरह की बातों की पुनरावृत्ति न हो.

मोदी ने एक साक्षात्‍कार में कहा कि उन्होंने अपने निकट सहयोगी अमित शाह और बिहार के नेता गिरिराज सिंह जैसे पार्टी नेताओं के खिलाफ अंदरूनी तौर पर कड़ी कार्रवाई की, जिन्होंने अपने बयानों में मुसलमानों को निशाना बनाया था. उन्होंने कहा कि उनकी इस कार्रवाई के कारण ही इस तरह के बयान बंद हो गए हैं. उन्होंने कहा कि मैंने इसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और इस कारण यह सब बंद हुआ. अगर मैंने अंदरूनी व्यवस्था के तहत इसका विरोध नहीं किया होता तो आपको नहीं लगता कि यह जारी रहता? उन्होंने एंकर से सवाल पूछा कि क्या यह नहीं रुका है? यह रुका है या नहीं? इसका मतलब है कि मैंने कार्रवाई की और आप समझ सकते हैं.

चुनाव आयोग पर आरोप
मोदी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा की चुनाव आयोग मुझे और बीजेपी को परेशान कर रहा है. वाराणसी में अपनी रैली के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की पृष्ठभूमि में मोदी ने कहा कि उन्हें और बीजेपी को चुनाव आयोग परेशान कर रहा है और वह चाहते हैं कि चुनाव आयोग जवाब दे.

मोदी ने कहा कि यह चुनाव आयोग को जवाब देना है कि हमें क्यों परेशान किया जा रहा है. खासतौर पर क्यों एक पार्टी को परेशान किया जा रहा है, क्यों मोदी को परेशान किया जा रहा है. मेरे साथ काफी कुछ हुआ है लेकिन फिलहाल मैं उसमें नहीं जाना चाहता हूं. चुनाव आयोग को फैसला करने दें. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह चुनाव आयोग को निशाना नहीं बना रहे हैं. मोदी ने कहा कि उन्होंने एक भी शब्द नहीं कहा है.उन्होंने कहा कि यह उनकी पार्टी बीजेपी है जिसने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है, जिसमें विस्तृत स्पष्टीकरण दिया गया है.

प्रियंका की मंशा गलत थी
यह पूछे जाने पर कि प्रियंका गांधी के नीच राजनीति संबंधी बयान को उन्होंने क्यों जातिगत मोड़ दिया तो मोदी ने स्पष्ट किया कि उस शब्द का गुजराती में अर्थ है उसके करीब. वह गुजराती भाषा सबसे अच्छी तरह समझते हैं. मोदी ने कहा कि मान लेते हैं कि मैंने गलत समझा. लेकिन तब भी इस तरह की भाषा के पीछे उनकी मंशा गलत थी.

गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा
यह पूछने पर कि चुनाव प्रचार के दौरान मायावती, ममता बनर्जी, जयललिता पर हमले से एनडीए को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में भविष्य में गठबंधन पर बुरा असर होगा तो उन्होंने कहा कि राजनीति इस आधार पर नहीं की जाती कि चुनाव प्रचार के दौरान क्या कहा गया. बहरहाल उन्होंने कहा कि बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और 1984 में राजीव गांधी की सरकार के बाद यह सबसे मजबूत और सर्वाधिक स्थायी सरकार बनाएगी. लेकिन उनकी बातों से लगा कि उन्होंने अपने दरवाजे खुले रखे हैं.

धार्मिक भेदभाव नहीं
मोदी ने इन आरोपों को खारिज किया कि वह भारत में शरण मांगने वाले लोगों से धार्मिक आधार पर भेदभाव कर रहे हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के घोषणापत्र में भारत को पीड़ित हिंदुओं का नैसर्गिक घर बताया गया है, जिसमें अलगःअलग मतों के लोग शामिल हैं लेकिन वे भारतीय मूल के हैं क्योंकि हिंदुत्व धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है. लेकिन उन्होंने जानना चाहा कि भारत में दूसरे देशों से आए हुए हिंदुओं को कई दशक बीत जाने के बाद भी नागरिकता क्यों नहीं दिया जा रहा है? उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की यहां मदद की जाती है क्योंकि वे वोट बैंक हैं.

पाकिस्तान से रिश्ते
प्रधानमंत्री बनने पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि बम विस्फोटों एवं गोलीबारी के बीच वार्ता करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि क्या आप सोचते हैं कि बम धमाकों और गोलीबारी के बीच वार्ता करना संभव है? उपयुक्त वार्ता के लिए पहले धमाके और गोलीबारी रुकनी चाहिए.

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