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बीजेपी रखेगी शिवसेना के सामने शर्त, PM को चायवाला कहने पर माफी मांगें उद्धव ठाकरे!

महाराष्ट्र में चुनावी नतीजे के बाद बीजेपी शिवसेना के सामने एक शर्त रख सकती है. सूत्रों के मुताबिक खबर आ रही है कि उद्धव ठाकरे को पीएम को चायवाला कहने के बयान पर माफी मांगने के लिए कहा जा सकता है. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो फिर केंद्र में शिवसेना के मंत्री अनंत गीते को हटने के लिए कहा जा सकता है. फिलहाल 19 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने का इंतजार है.

नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र में चुनावी नतीजे के बाद बीजेपी शिवसेना के सामने एक शर्त रख सकती है. सूत्रों के मुताबिक खबर आ रही है कि उद्धव ठाकरे को पीएम को चायवाला कहने के बयान पर माफी मांगने के लिए कहा जा सकता है. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो फिर केंद्र में शिवसेना के मंत्री अनंत गीते को हटने के लिए कहा जा सकता है. फिलहाल 19 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने का इंतजार है. आम आदमी PM बन सकता है, तो मैं CM क्यों नहीं: उद्धव ठाकरे

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया है. इसके बाद से ही दोनों पार्टियों के रिश्ते में तल्खी आ गई. चुनावी प्रचार के दौरान जमकर सियासी बयानबाजी हुई. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली में कहा था कि वह शिवसेना को लेकर कुछ नहीं बोलेंगे क्योंकि वह बाल ठाकरे का सम्मान करते हैं. पर उद्धव ठाकरे ने बार-बार बीजेपी और नरेंद्र मोदी पर धोखा देने का आरोप लगाया. उनकी तरफ से मोर्चा शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' ने भी संभाला. सामना ने गठबंधन टूटने के बाद से कभी बीजेपी को पितृपक्ष के कौवे तो कभी महाराष्ट्र का दुश्मन बताया. बयानबाजी के बीच शिवसेना के मंत्री अनंत गीते के मोदी सरकार में बने रहने पर यथास्थिति बरकरार रही.

हालांकि चुनाव से ठीक एक दिन पहले दोपहर सामना में शिवसेना के एक लेख ने सियासी बवाल खड़ा कर दिया. इस लेख में बकौल उद्धव ठाकरे लिखा गया, 'जब एक चायवाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है तो मैं महाराष्ट्र का सीएम क्यों नहीं?' इसे लेकर सियासी बखेड़ा हो गया. इसके बाद सामना ने चायवाला शब्द हटाकर आम आदमी का इस्तेमाल किया, पर काफी देर हो चुकी थी. बीजेपी को शिवसेना की यह बयानबाजी नागवार गुजरी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दो टूक कह दिया कि पार्टी पीएम का अपमान नहीं सहेगी. इस लेख के कारण अब दोनों पार्टियों के रिश्ते में और खटास आ गई है.

एग्जिट पोल के कारण बदला बीजेपी का तेवर
चायवाले बयान पर अब तक ज्यादा कुछ नहीं कहने वाली बीजेपी ने अचानक ही सख्त रवैया अपना लिया. इसके पीछे एग्जिट पोल के अनुमान भी अहम वजह हैं. चुनाव से पहले पार्टी इस कश्मकश थी कि उसकी कितनी सीटें आएंगी. कहीं फिर से शिवसेना के साथ गठजोड़ तो नहीं करना पड़ेगा. पर अब जब ज्यादातर पोल बीजेपी को बहुमत के आंकड़े के पास दिखा रहे हैं, तो ऐसे में पार्टी ने शिवसेना को अपना रुख बता दिया है. अब देखना यह होगा कि बीजेपी की इस शर्त पर शिवसेना क्या कहती है.

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