वर्णिका ने अगली सुबह फेसबुक पर उस डरावनी रात के हालत को बयान करते हुए लिखा था- ''वह पूरा वक्त जब एसयूवी मेरी कार की बगल में थी, हर 10-15 सेकंड में रुकने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश कर रही थी. मैं पूरी दहशत में, हमले की चपेट में थी क्योंकि वे लोग मुझे बार-बार घेरने की कोशिश करते और मैं किसी न किसी तरह अपना रास्ता बनाकर निकल जाती और आगे बढ़ती रही. मेरे हाथ कांप रहे थे, मेरी पीठ डर से ऐंठने लगी थी, मैं आधी रो रही थी, आधी बदहवास थी, क्योंकि मुझे पता नहीं था कि मैं घर भी पहुंच पाऊंगी या नहीं.' (फोटो- विकास बराला)