
मध्य प्रदेश में कमल खिलेगा या कमलनाथ कमाल करेंगे, इसका फैसला 3 दिसंबर को मतगणना के दिन होगा. लेकिन इससे पहले आजतक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं. एग्जिट पोल में आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में बीजेपी प्रचंड बहुमत से वापसी करती हुई नजर आ रही है. एग्जिट पोल के अनुसार सूबे में बीजेपी को मध्य प्रदेश में 140 से 162 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस को 68 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है.
एग्जिट पोल के नतीजे सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी बहुमत से जीतेगी, पीएम मोदी का नेतृत्व, अमित शाह की रणनीति, जेपी नड्डा का मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं का अनथक परिश्रम और प्रदेश सरकार की योजनाएं और विकास जीत का कारण बनेगा. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल जनभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि लाडली बहनाओं से सारे कांटे निकाल दिए, कोई कांटा नहीं बचा, हम जहां जाते थे, वहां पुरुषों से ज्यादा बहनें आती थीं.
वहीं, कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को मैं उनका बल याद दिलाना चाहता हूं. आप लोग कांग्रेस की शक्ति हैं और आपकी मेहनत और समर्पण से ही जनता ने कांग्रेस पार्टी के समर्थन में जमकर वोट डाला है. 3 दिसंबर को जब मतगणना शुरू होगी तो कांग्रेस की सरकार पर जनता की मुहर लग जाएगी. मैंने हमेशा आपसे कहा है कि देश विजन से चलता है, टेलीविजन से नहीं. बहुत से एग्जिट पोल में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती हुई दिखाई दी है, जबकि कुछ एग्जिट पोल अन्य तरह की बात कर रहे हैं. आपको इस सबसे अपना ध्यान भटकने नहीं देना है. अर्जुन की तरह आपको निगाहें सिर्फ अपने लक्ष्य पर रखनी है. आपको अपना पूरा ध्यान मतगणना के दिन पर लगाना है और यह सुनिश्चित करना है कि कांग्रेस को मिला एक-एक वोट सही से गिना जाए और प्रदेश में प्रचंड बहुमत से कांग्रेस की सरकार बने.

बीजेपी ने कई संभागों में बढ़त हासिल की
बता दें कि मध्य प्रदेश में इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने 47506 लोगों के बीच सर्वे किया था. इसमें 72 फीसदी ग्रामीण क्षेत्र को 28 फीसदी शहरी क्षेत्र का इलाका कवर किया गया था. इसमें 52 फीसदी पुरुष और 48 फीसदी महिलाओं को शामिल किया गया था. आजतक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी ने कई संभागों में बढ़त हासिल की है. निमाड़, भोपाल, बुंदेलखंड, बघेलखंड, चंबल, महाकौशल और मालवा में बीजेपी ने बंपर बढ़त बनाई हुई है.
55 सीटों वाले संभाग में बीजेपी ने बनाई बढ़त
एग्जिट पोल के अनुसार बीजेपी सबसे ज्यादा सीटों वाले मालवा संभाग में भी आगे है. मालवा रीजन में आगर-मालवा, अलीराजपुर, देवास, धार, इंदौर, मंदसोर, झाबुआ, नीमच, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर और उज्जैन शामिल हैं. यहां बीजेपी को 41 तो कांग्रेस को 14 सीटें मिलती नजर आ रही हैं. इस बार बीजेपी 15 सीटों की बढ़त बना रही है तो कांग्रेस 14 सीटों के नुकसान पर दिख रही है.
क्या कहते हैं महाकौशल के आंकड़े
एग्जिट पोल के मुताबिक महाकौशल संभाग में बीजेपी आगे चल रही है. इस संभाग में बीजेपी को 47 फीसदी तो कांग्रेस को 42 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. जबकि अन्य के खाते में 11 फीसदी सीटें आ सकती हैं. महाकौशल में बालाघाट (6 सीट), बैतूल (5 सीट), छिंदवाड़ा (7 सीट), डिंडोरी (2 सीट), होशंगाबाद (4 सीट), जबलपुर (8 सीट), कटनी (4 सीट), मंडला (3 सीट, नरसिंहपुर (4 सीट), सिवनी (4 सीट) शामिल हैं.
चंबल में कौन अव्वल?
चंबल संभाग में 34 विधानसभा सीटें हैं. इस बार यहां बीजेपी को 43 फीसदी तो कांग्रेस को 40 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. पिछली बार यहां कांग्रेस को 42 फीसदी तो बीजेपी को 35 फीसदी वोट मिला था. चंबल इलाके में बीजेपी के खाते में 19 सीटें, जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिल सकती हैं. इस बार बीजेपी 12 सीटों की बढ़त बनाती दिख रही है, तो कांग्रेस 12 सीटों की बढ़त बना सकती है.
सूबे में कब और कैसे हुआ था सत्ता का उलटफेर?
मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके प्रति वफादार विधायकों की बगावत के बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी, जिससे शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की वापसी सुनिश्चित हो गई थी.कांग्रेस 2020 के ऑपरेशन लोटस का बदला लेने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन एग्जिट पोल में कांग्रेस को 68 से 90 सीटों के बीच कुछ भी मिलने का अनुमान लगाया गया है.
बीजेपी ने चुनावी मैदान में उतारे थे कई दिग्गज
अगर एग्जिट पोल सही साबित हुए तो यह मध्य प्रदेश के चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए एक बड़ी सफलता होगी, जिन्हें इस बार मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया गया था. भाजपा ने इस बार सत्ता विरोधी लहर को दूर करने के लिए तीन केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित सात सांसदों को मैदान में उतारा था. एग्जिट पोल के नतीजे सही रहे तो बीजेपी की सफलता में शिवराज सिंह चौहान की लाडली बहना योजना की भी बड़ी भूमिका होगी.