जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग-राजौरी लोकसभा क्षेत्र से इमरान शेख निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर रहे हैं. पिछले नौ साल में उनके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के एक मामले सहित 20 आपराधिक केस दर्ज हैं. यह निर्वाचन क्षेत्र के 20 प्रत्याशियों में से किसी प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज मामलों की अधिकतम संख्या है. शेख ने अपने नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में बताया है कि उसके खिलाफ केंद्र शासित प्रदेश के पांच जिलों के नौ अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं.
अनंतनाग जिले के रहने वाले शेख के खिलाफ पहला आपराधिक मामला साल 2015 में पुलवामा जिले के पंपोर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. 37 साल के उम्मीदवार के खिलाफ पिछले साल दर्ज किए गए आपराधिक मामलों में से एक मामला POCSO अधिनियम की धारा 11 (अश्लील उद्देश्यों के लिए एक बच्चे को लुभाना या इसके लिए संतुष्टि देना) और धारा 12 (एक बच्चे का यौन उत्पीड़न करना) के तहत आरोप शामिल हैं.
अभी तक किसी केस में आरोप तय नहीं हुए
शेख पर साल 2022 में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 309 (आत्महत्या का प्रयास और इस तरह के अपराध के लिए कोई भी कृत्य) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. शेख के खिलाफ दर्ज अधिकांश मामले आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत हैं. हालांकि, इनमें से कई मामलों में अतिरिक्त आरोप भी हैं, जिनमें धारा 201 (किसी अपराध के सबूत छिपाना या नष्ट करना) और धारा 380 (घर में चोरी) शामिल है.
अन्य दो मामले धारा 454 (अपराध करने के लिए घर में घुसना) और धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत दर्ज किए गए हैं. निर्दलीय उम्मीदवार के खिलाफ दर्ज 20 में से सात मामले अनंतनाग के सदर पुलिस स्टेशन में लिखे गए हैं, जिनमें से छह केस साल 2022 में दर्ज किए गए थे. हलफनामे के मुताबिक, शेख के खिलाफ अब तक किसी भी मामले में अदालत में आरोप तय नहीं किए गए हैं.
जानिए कितनी संपत्ति शेख ने की है घोषित
हलफनामे से यह भी पता चला कि उनके और उनकी पत्नी दोनों के पास पैन कार्ड हैं, लेकिन उनमें से किसी ने भी पिछले नौ साल से आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है. शेख ने दावा किया है कि वह मजदूर है और उसकी आय 12,000 रुपये है. मगर, उसने यह नहीं बताया है कि यह उसकी मासिक या वार्षिक आय है. उन्होंने अपने पास 50,000 रुपये नकद होने की घोषणा की है, जबकि उनकी पत्नी के पास 10,000 रुपये हैं. दिलचस्प बात यह है कि उनके पास दो वाहन भी हैं, जिनकी कुल घोषित कीमत 4 लाख रुपये है.
दो अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी दर्ज हैं केस
दो अन्य निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें कुलगाम के सज्जाद अहमद डार पर साल 2014 में दंगा करने का मामला दर्ज किया गया था. मगर, अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं. मामले में शिकायतकर्ता के साथ कथित असंयमित व्यवहार के लिए दलीप कुमार पंडिता के खिलाफ 2019 में आईपीसी की धारा 353 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था.