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'मुझ पर जनता का आशीर्वाद बरस रहा, प्रत्याशियों का भी मिले...,' बोले काराकाट से निर्दलीय ताल ठोक रहे एक्टर पवन सिंह

काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा, 'मैं चाहूंगा कि यहां हमारे अलावा जो भी प्रत्याशी हैं, उनका भी आशीर्वाद मुझे मिले, क्योंकि जनता का आशीर्वाद मुझ पर बरस रहा है. जब जनता से प्यार बरसता है, तो आदमी सब कुछ भूल जाता है.'

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भोजपुरी एक्टर पवन सिंह (फाइल फोटो)
भोजपुरी एक्टर पवन सिंह (फाइल फोटो)

बिहार (Bihar) की काराकाट लोकसभा सीट से भोजपुरी एक्टर और गायक पवन सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने आजतक की मैनेजिंग एडिटर श्वेता सिंह से बातचीत की. बिहार में एक तरफ नरेंद्र मोदी और दूसरी तरफ तेजस्वी यादव का चेहरा है, इसमें पवन सिंह कहां फिट बैठते हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे किसी से मुकाबला नहीं करना है और रही बात चुनाव में फिट बैठने की तो, कुछ बातें मेरे मन में हैं. उसको वक्त पर छोड़ देते हैं. मेरा मुकाबला किसी से नहीं है. 

उन्होंने आगे कहा कि मैं चाहूंगा कि यहां हमारे अलावा जो भी प्रत्याशी हैं, उनका भी आशीर्वाद मुझे मिले, क्योंकि जनता का आशीर्वाद मुझ पर बरस रहा है. जब जनता से प्यार बरसता है, तो आदमी सब कुछ भूल जाता है.

टिकट कटने को लेकर क्या बोले पवन सिंह?

बीजेपी से टिकट कटने और चुनाव लड़ने को लेकर पवन सिंह ने कहा कि 2019 में ही हमारी मीटिंग हुई थी, हमको बुलाया गया और आदेश मिला कि आपको चुनाव लड़ना है. उसके बाद पता नहीं क्या हुआ, मुझे स्टार प्रचारक बनाया गया. उस रूप में मैंने जुड़कर सेवा किया. 

पवन सिंह ने आगे कहा कि इस बार 2024 के लिए क्या हुआ... जैसे मैं गाने और फिल्मों के शूटिंग के लिए जा रहा हूं, तो भाई लोग मुझे बधाई दे रहे थे, कि सांसद जी बधाई हो. इसके बाद मेरी मां से हुई और मां ने चुनाव लड़ने के बारे में बोला. मैंने सोचा कि जब मां इतने कॉन्फीडेंस से बोल रही है कि चुनाव लड़ रहे ना और भाईयों का आशीर्वाद मिल ही रहा है, तो मैंने सोचा कि चुनाव लड़ना चाहिए और मेरा इरादा सिर्फ और सिर्फ सेवा करने का है.

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'मैं बुराई नहीं कर सकता...'

पवन सिंह ने कहा, 'मैं किसी की बुराई नहीं कर सकता हूं. मैं माता-बहनों और भाईयों से मिल रहा हूं. मैं लोगों चेहरे पर खुशी नहीं देख रहा हूं. जिस रास्ते से मैं गुजर रहा हूं, माताओं-बहनों का दर्द सुन रहा हूं.'

उन्होंने आगे कहा कि मेरे हाथ में दस, पांच, सौ और हजार रुपए देकर लोग मुझे आशीर्वाद दे रहे हैं. कितनी माताएं बहने ये भी बोल रही हैं, कि चलो हम सांसदी का चुनाव लड़ रहे कैंडिडेट का चेहरा तो देख पाए.
 

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