मिशन शक्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश का मामला चुनाव आयोग पहुंच गया है. कई पार्टियों ने इस पर ऐतराज जताते हुए चुनाव आयोग से पूछा है कि आखिर पीएम को इसकी घोषणा करने की इजाजत क्यों दी गई? मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. टीएमसी और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी ने भी पीएम के राष्ट्र के नाम संबोधन पर ऐतराज जताया है. येचुरी की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सरकार से पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण की कॉपी मांगी है.
सीताराम येचुरी ने अपने पत्र में लिखा कि इस तरह का मिशन देश को आमतौर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) बताता है, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री ने इसको लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार हैं. ऐसे में चुनाव आचार सहिंता लागू होने के बाद उनको इसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है?
The country would like to know the special reasons why the Election Commission permitted the achievements of Indian scientists to be politically coloured during the course of the general elections. Our letter to the Election Commission: n/n pic.twitter.com/UAPeF4Xaso
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) March 27, 2019
सीताराम येचुरी ने चुनाव आयोग से ये पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश के बारे में चुनाव आयोग को पता था? क्या चुनाव आयोग ने नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की इजाज़त दी थी? उन्होंने पूछा कि कि पूरा देश जानना चाहता है कि आखिर चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की इजाजत कैसे दी. वह भी तब जब लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है और चुनाव आचार संहिता लागू है.
वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मिशन शक्ति की सफलता का श्रेय अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास में वर्षों से अनवरत परिश्रम कर रहे वैज्ञानिकों को जाता है. इसकी घोषणा भी नेतृत्व कर रहे वैज्ञानिक द्वारा ही होनी चाहिए थी. PM मोदी जी के द्वारा इसकी घोषणा, अचार संहिता का उलंघन व भाजपा द्वारा देश को मुद्दों से भटकना ही है.
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मिशन शक्ति एक राजनीतिक घोषणा है. इसकी घोषणा वैज्ञानिकों को करनी चाहिए थी. इसका श्रेय उन्हें दिया जाना चाहिए. यह केवल एक उपग्रह को नष्ट कर दिया गया, यह आवश्यक नहीं था, यह लंबे समय से वहां पड़ा हुआ था, यह वैज्ञानिकों का विशेषाधिकार है कि यह काम कब करना है. हम चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करेंगे.
पीएम मोदी ने एंटी सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण ‘मिशन शक्ति’ को लेकर बुधवार को देश को संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भारत ने अंतरिक्ष में एक सैटेलाइट को मार गिराया है, यह बड़ी उपलब्धि है. अमेरिका, चीन और रूस के बाद ऐसा करने वाला भारत चौथा बड़ा देश बना है. पीएम बोले कि भारत ने इस मिशन को 'मिशन शक्ति' का नाम दिया है. आज भारत अंतरिक्ष में महाशक्ति बन गया है. पीएम ने बताया कि LEO सैटेलाइट को मार गिराना एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, इस मिशन को सिर्फ 3 मिनट में पूरा किया गया है.