भगवा वस्त्र धारण करने वाली भारतीय जनता पार्टी की उमा भारती व साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बीच तल्खी की चर्चा के बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसमें दोनों के बीच एक दूसरे के प्रति स्नेह नजर आ रहा है. भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उमा भारती अपने हाथ से कुछ खिला रही हैं. साथ ही साध्वी प्रज्ञा उमा के गले लगकर भावुक भी हो गईं और उनके आंसू निकल आए. ये तस्वीर उमा भारती के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने साध्वी प्रज्ञा को महान संत बताते हुए कहा था कि उनसे मेरी तुलना मत कीजिए.
इस बार चुनाव नहीं लड़ रहीं मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती से कटनी में सवाल किया गया था कि क्या एमपी में साध्वी प्रज्ञा सिंह ने उनकी जगह ले ली है. इस पर उमा भारती ने कहा था, 'वह एक महान संत हैं, मेरी उनसे तुलना मत कीजिए. मैं एक साधारण और मूर्ख प्राणी हूं'. लोकसभा चुनाव के बीच उमा का यह बयान चर्चा का केंद्र बना. जिसके बाद सोमवार को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और उमा भारती की मुलाकात हुई.
Madhya Pradesh: Pragya Singh Thakur, BJP's LS candidate from Bhopal breaks down while meeting Union Minister and senior BJP leader Uma Bharti in Bhopal.
— ANI (@ANI)
दिलचस्प बात ये है कि भोपाल सीट से बीजेपी के टिकट पर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं साध्वी प्रज्ञा खुद उमा भारती से मिलने उनके आवास पहुंचीं. इस दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई और उमा भारती ने चम्मच से साध्वी प्रज्ञा को कुछ खिलाया और आशीर्वाद दिया. साथ ही उमा भारती ने अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए साध्वी प्रज्ञा से कहा कि मीडिया वाले उनका बयान काट कर दिखा रहे हैं. उमा ने कहा, 'दीदी मां साध्वी प्रज्ञा के चुनाव लड़ने से मुझे बहुत खुशी हुई. मैं उन्हें एक महान संत और देशभक्त मानती हूं क्योंकि उन्होंने जो कष्ट झेले हैं, वो एक साधारण व्यक्ति नहीं झेल सकता है'.
जब रो पड़ीं साध्वी प्रज्ञा
मुलाकात के बाद जब उमा भारती साध्वी प्रज्ञा को उनकी कार तक छोड़ने आईं तो साध्वी प्रज्ञा रोने लगीं. यह देखकर कार में बैठी हुई साध्वी प्रज्ञा को उमा भारती ने गले लगा लिया और उनका माथा चूमकर आंसू भी साफ किए.

बता दें कि बीजेपी में भगवा वस्त्र धारण करने वाली चुनिंदा नेताओं में उमा भारती का नाम सबसे ऊपर आता है. वो दिग्विजय सिंह को टक्कर देकर मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं. साथ ही 2014 में जब मोदी सरकार बनी तो उन्हें गंगा सफाई का जिम्मा सौंपा गया.
अब जबकि उमा भारती ने 2019 का चुनाव लड़ने से मना कर दिया है, जबकि भोपाल सीट से दिग्विजय सिंह के खिलाफ मालेगांव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा चुनाव लड़ रही हैं, जिससे यह सीट चुनावी चर्चा के केंद्र में आ गई है और साध्वी प्रज्ञा को अब मध्य प्रदेश में उमा भारती की जगह लेने वाले नेता के तौर पर देखा जा रहा है. इसी सवाल पर उमा भारती ने अलग अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा खुद उमा भारती से मिलने उनके आवास पहुंचीं.