अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारीख को लेकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण आज शुरू होगा तो वर्ष 2025 तक पूरा होगा. यह बयान उन्होंने अपने पहले दिए बयान की सफाई में दिया है. उन्होंने कहा, 'हमारी इच्छा है कि 2025 तक अयोध्या में राम मंदिर बन जाए. मैंने 2025 में शुरू करने की बात नहीं की, आज शुरू होगा तो 5 वर्षों में बनेगा.'
बता दें कि यहां पर भैयाजी जोशी साल 2025 तक राम मंदिर बनने की बात क्यों कर रहे हैं. दरअसल, इस साल RSS के 100 साल पूरे होंगे और संघ चाहता है कि इस साल मंदिर का निर्माण हो जाए. ऐसे में देखा जाए तो आरएसएस राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को पूरा समय दे रहा है. एक तरफ देश में जहां राम मंदिर निर्माण को लेकर मांग तेज हो रही है तो वहीं आरएसएस का यह बयान मोदी सरकार के लिए राहत भरा होगा.
इससे पहले गुरुवार को प्रयागराज के कुंभ मेले में आयोजित एक कार्यक्रम में भैयाजी जोशी ने इशारों-इशारों में मोदी सरकार पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि राम मंदिर साल 2025 में बनेगा.
बता दें कि राम मंदिर की पहल न करने से नाराज संघ लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहा है. संघ को ऐसा लगता है कि अगर मोदी सरकार फिर से सत्ता में आ भी गई तो मंदिर निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं करेगी.
उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा तो देश तेजी से विकास करने लगेगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर अब भी बहुत सी चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने की जरूरत है.
RSS General Secretary Bhaiyyaji Joshi on Ram temple in Ayodhya: Mandir bane ye humari ichha hai. 2025 tak poora hona chahiye, ye humari ichha hai, sarkar ko tay karna hai. 25 ko shuru karne ki baat nahi ki hai, aaj shuru hoga to 5 varsho mein banega. pic.twitter.com/ODNoZ2vdgd
— ANI UP (@ANINewsUP) January 18, 2019
संघ सरकार्यवाह के मुताबिक राम मंदिर सिर्फ एक मंदिर का निर्माण नहीं है, बल्कि यह करोड़ों हिन्दुओं की आस्था और सम्मान से भी जुड़ा हुआ है. कुंभ मेले में हरिद्वार की संस्था दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित सेमिनार में भैया जी जोशी ने सिर्फ मंदिर ही नहीं बल्कि विकास के मुद्दे पर भी मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला.
उन्होंने कहा कि विकास को गति तब मिलेगी, जब साल अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा. उन्होंने आगे कहा कि भारत उसी तरह तेजी से आगे बढ़ेगा जिस तरह 1952 में सोमनाथ मंदिर के निर्माण के बाद हुआ था और जवाहर लाल नेहरू पीएम थे.
गौरतलब है कि संघ के कुछ नेताओं का मानना रहा है कि अगर बीजेपी की केंद्र में सरकार है तो उसे मंदिर निर्माण की पहल करनी चाहिए थी. क्योंकि लोगों ने मोदी सरकार को इसलिए भी चुना था कि उनका मानना था कि सरकार हिंदुओं की भावनाओं का ध्यान रखेगी. लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार की प्राथमिकताएं बदल गईं. बता दें कि पीएम मोदी ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा था कि कोर्ट के फैसले के बाद ही सरकार मंदिर निर्माण के बारे में कोई फैसला लेगी.
सफाई में क्या बोला संघ
भैयाजी जोशी के बयान पर सफाई देते हुए आरएसएस ने कहा कि कुंभ मेले जैसे सांस्कृतिक पर्वों के द्वारा होने वाले राष्ट्रीय तथा सांस्कृतिक जागरण से विकास की दिशा में देश को ले जाने के लिए समाज को सक्रिय होने की प्रेरणा मिलती है. 1951-1952 में सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने अपने भाषण में भी सोमनाथ जैसे राष्ट्रीय गौरव चिन्ह के पुनर्निर्माण की घटना को भारत के समृद्धि की ओर अग्रसर होने वाली घटना कहा था. 6 वर्ष के पश्चात 2025 में फिर से कुंभ संपन्न होगा, तब तक भारत के राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक राम मंदिर की भी निर्माण प्रक्रिया पूर्ण होकर राष्ट्र समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ेगा, ऐसा विश्वास भैयाजी जोशी ने व्यक्त किया.