लोकसभा चुनाव 2019 में जीत हासिल करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नंबर एक चैनल 'आजतक' से खास बातचीत की. इस दौरान पीएम ने अपने कार्यकाल, 5 साल में उठे हर मुद्दे, विपक्ष के हर आरोप पर खुलकर एक नए अंदाज में बात की. इंटरव्यू में पीएम नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से लेकर बेरोजगारी जैसे मुश्किल सवालों पर बेबाकी से अपनी राय रखी.
वाराणसी के अस्सी घाट पर आजतक के तीन सीनियर एंकर अंजना ओम कश्यप, श्वेता सिंह और राहुल कंवल ने एक साथ अलग-अलग विषयों पर उनसे सवाल किए. प्रधानमंत्री ने शनिवार को ट्वीट कर भी इसे शेयर किया है. पीएम मोदी ने लिखा कि आजतक के साथ इंटरव्यू आपको अच्छा लगेगा. साथ ही यह आपको काशी जाने के लिए प्रेरित भी करेगा.
You would enjoy watching this snippet from my interview with @aajtak and @IndiaToday. It would also inspire you to visit Kashi! https://t.co/J9JRMHRBYp
— Chowkidar Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2019
आजतक को दिए अपने इंटरव्यू में पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आडवाणी जी ने एक बढ़िया ब्लॉग लिखा था, वो ही हमारा मूल चरित्र है. हम किसी को अपना दुश्मन नहीं मानते हैं. व्यक्तिगत तौर हम किसी का विरोध नहीं करते हैं. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके बारे में उनका आकलन गलत निकला है, दुर्भाग्य है कि ऐसे लोग बड़े हो गए.
प्रधानमंत्री मोदी का कश्मीर को लेकर रुख वही है, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का था. लेकिन वक्त से हिसाब से परिस्थितियां बदलती हैं. मोदी, अटल की नीति से अलग भी सोच सकते हैं. जहां अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों की प्रशंसा उनके विरोधी भी करते थे, वहीं मोदी हमेशा विपक्षी दलों के निशाने पर रहते हैं.
आजतक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कश्मीर को लेकर मोदी ने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 'इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत' के सिद्धांत पर ही चलने का वचन दोहराया, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि घाटी के मुट्ठीभर राजनीतिक परिवारों को राज्य को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल नहीं करने दिया जाएगा. कश्मीर की जनभावना के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा.
आजतक से इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष की आधी गालियां मुझे और आधी ईवीएम को पड़ रही हैं. इससे विपक्ष की हालत को समझना काफी आसान है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 3 चरणों के मतदान तक जो हमारे विरोधी थे उनके गालियों का फोकस एक ही था, सिर्फ मोदी लेकिन तीसरे चरण के बाद उनकी बंदूक की जो नोक है वो बदल गई है. अब गालियां ईवीएम को भी जा रही हैं. अब 50 फीसदी मोदी को और 50 फीसदी ईवीएम को गालियां पड़ रही हैं.
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