प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को गोरखपुर दौरे पर हैं. यहां एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत करेंगे. इसे सबसे बड़ा चुनावी तोहफा माना जा रहा है क्योंकि किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों के खाते में सीधे दो-दो हजार रुपए ट्रांसफर कराएगी. साथ ही योजना को पू्र्वांचल से लॉन्च करने के पीछे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की एंट्री को इसकी वजह माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री का गोरखपुर दौरा कितना अहम है, इस बात से समझा जा सकता है कि उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार से वहां जमे हुए हैं. शाह ने प्रधानमंत्री के दौरे से पहले शनिवार को पार्टी के किसान मोर्चा के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन किया. किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में लिखा, 'कल (रविवार) ऐतिहासिक दिन है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि गोरखपुर से लॉन्च होगा. यह योजना उन करोड़ों किसानों की आकांक्षाओं को नई उड़ान देगी जो कड़ी मेहनत कर देश का पेट पालते हैं.'
प्रधानमंत्री ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, 'सम्मान निधि योजना की शुरुआत दो बातें दर्शाती है. पहली बात कि इससे एनडीए का किसानों के प्रति सम्मान झलकता है और दूसरी बात कि सरकार अपनी योजनाएं तेजी से लागू कराने में सक्षम है क्योंकि 1 फरवरी को लॉन्च हुई यह योजना इतने कम समय में साकार होने जा रही है. नए भारत का यह नया वर्क कल्चर है.'Tomorrow is a historic day! The Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi will be launched from Gorakhpur. This is a scheme that will give wings to the aspirations of crores of hardworking farmers of India who feed our nation.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 23, 2019
बीजेपी की बड़ी तैयारी
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ और गोरखपुर में किसानों को संबोधित किया. उन्होंने दो दिन तक चलने वाले किसान अधिवेशन की भी शुरुआत की जिसका समापन रविवार को होना है. इस अधिवेशन में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियां किसानों को बताई जाएगी. साथ ही लोकसभा चुनाव के लिए किसानों से सहयोग मांगा जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी और शाह के अलावा अधिवेशन में उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय भी मौजूद रहेंगे.
Tomorrow’s launch of PM Kisan Samman Nidhi demonstrates two things:
NDA's unwavering commitment to farmer welfare.
Speedy decision making- a scheme announced on 1st February has become a reality in such a short span.
This is the new work culture of New India!
— Narendra Modi (@narendramodi) February 23, 2019Advertisement
रविवार को समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह मौजूद रहेंगे. गोरखपुर में प्रधानमंत्री किसान रैली को भी संबोधित करेंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री गोरखपुर में कई योजनाओं की भी शुरुआत करेंगे. इनमें गैस से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र की कई स्कीम शामिल हैं जिनका शुभारंभ होना है. ये योजनाएं जल्द शुरू हों और पूर्वांचल के लोगों को इनका लाभ मिल सके, इस पर सरकार का पूरा ध्यान है.
प्रधानमंत्री गोरखपुर में करीब 903 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण करने के साथ कुल 9,325 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी गोरखपुर में आयोजित रैली को संबोधित करने के बाद हेलीकॉप्टर से सीधे प्रयागराज कुंभ पहुंचेंगे. यहां प्रधानमंत्री कुंभ में मौजूद साधु-संतों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान वह अक्षय वट के दर्शन भी करेंगे. इसके अलावा मोदी संगम में स्नान भी कर सकते हैं. इसके बाद वह दिल्ली वापस चले जाएंगे.
कितने राज्यों को लाभ
इस बाबत केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर कहा, "लघु और सीमांत किसानों को निश्चित आय सहायता के लिए सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की शुरुआत कर रही है." मंत्रालय ने बयान में हालांकि यह नहीं बताया है कि रविवार को कितने किसानों के खाते में 2,000 रुपए की पहली किस्त भेजी जाएगी. एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सहित 14 राज्यों के एक करोड़ से अधिक किसानों को रविवार को दो हजार रुपए भेजे जाएंगे. इसके अलावा 28 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को यह लाभ अगले दो-तीन दिन में भेजा जाएगा.
केंद्र सरकार ने 2019-20 के अंतरिम बजट में पीएम-किसान योजना का ऐलान किया था. इसके तहत दो हेक्टेयर तक जोत रखने वाले 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6,000 रुपए की नकद सहायता देने की घोषणा की गई थी.
पूर्वांचल पर फोकस क्यों
गौरतलब है कि बीजेपी को तीन राज्यों में मिली हार के बाद और राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद मोदी का यह पहला दौरा है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा यूपी के साथ राष्ट्रीय स्तर की राजनीति को और गर्माएगा. आरोपों-प्रत्यारोपों की जंग और तेज होगी. अभी एक दिन पहले ही कांग्रेस ने अपनी यूपी कमेटी का ऐलान किया है और राज बब्बर को चुनाव की कमान संभालने को दी है. इससे पहले प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.
प्रियंका गांधी के गढ़ में अगर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह यूपी के चुनावी कैंपेन का आगाज कर रहे हैं तो इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि प्रियंका गांधी भी मोदी-शाह के गढ़ गुजरात में अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत करने जा रही हैं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अपनी पहली जनसभा गुजरात में अपने भाई और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ 28 फरवरी को संबोधित करेंगी. इससे जनसभा में उनके प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर उनके गृह राज्य में हमला करने का अंदेशा है.
अडालज के त्रिमंदिर मैदान में यह महारैली कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की 28 फरवरी को अहमदाबाद में बैठक के बाद होगी. सीडब्ल्यूसी की 51वीं महारैली आगामी आम चुनावों से ठीक पहले रखी गई है. इसमें पार्टी की लोकसभा चुनावों में रणनीतियों और तैयारियों पर मुख्य ध्यान दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi कल उत्तर प्रदेश में पीएम किसान योजना का शुभारंभ एवं विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगें। #PMKisan pic.twitter.com/e1DbreJmBb
— BJP (@BJP4India) February 23, 2019
बीजेपी और कांग्रेस की ओर से आमने सामने की चुनावी तैयारियां जारी हैं. गोरखपुर में रविवार को बीजेपी के लगभग सभी आला नेता मौजूद रहेंगे तो उधर अहमदाबाद में कांग्रेस नेताओं का भी जमावड़ा लगने वाला है. सीडब्ल्यूसी बैठक गुजरात में 60 साल के बाद हो रही है और कांग्रेस का पूरा अमला जिसमें राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के संसदीय दल के नेता मल्किार्जुन खड़गे, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और प्रियंका गांधी के साथ कई अन्य वरिष्ठ नेता लोकसभा चुनावों के लिए मुद्दों और तैयारियों पर चर्चा करेंगे.
रैली को प्रियंका और राहुल के अलावा सोनिया गांधी भी संबोधित करेंगी. सोनिया ने इससे पहले पिछले साल नवंबर में तेलंगाना में विधानसभा चुनावों के दौरान जनसभा संबोधित की थी. इससे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव के पद पर नियुक्त होने के बाद प्रियंका ने अपने भाई राहुल और साथी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लखनऊ में 11 फरवरी को रोड शो किया था.