साउथ कोरिया के यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सियोल में भारतीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा सपना है, दुनिया के हर बच्चे की जुबान पर राष्ट्रपिता गांधी का नाम होना चाहिए. किसी देश में राजदूत एक होता है, लेकिन भारतीय जहां भी है, वह राष्ट्रदूत है. भारतीयों की कड़ी मेहनत, अनुशासन से दुनिया भर में देश की साख बढ़ी है. मैं जिस देश में भी जाता हूं मुझे ये सुनकर बहुत खुशी होती है कि भारतीयों की प्रतिष्ठा कानून मानने वाले नागरिकों के तौर पर होती है.
पीएम मोदी ने कहा कि अब कोरियाई के बच्चों के बीच कबड्डी-कबड्डी भी सुनने को मिल रहा है. यहां के शहरों में भारतीय रेस्त्रां को जगह मिलनी शुरू हो गई है, वहीं यहां के मेनू में भारत डिश को भी स्थान मिल रहा है. कोरिया में आप सभी होली, दिवाली, बैसाखी और अन्य भारतीय उत्सवों को सिर्फ मनाते ही नहीं बल्कि उसमें अपने कोरियाई दोस्तों को शामिल भी करते हैं. यहां रहने वाले भारतीय कोरिया की आर्थिक समृद्धि के साथ ही यहां की संस्कृति और समाजिक जीवन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.
Interacting with the Republic of Korea's dynamic Indian community. Watch. https://t.co/RmeeYyPtie
— Narendra Modi (@narendramodi) February 21, 2019
उन्होंने कहा कि यहां पर भारतीय मेधा और कौशल का बहुत सम्मान है. ये जानकर अच्छा लगता है कि कोरिया के विकास में भी आपका बहुत बड़ा योगदान है. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है. हम आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. कोरिया के साथ हर दिन हमारे संबंध मजबूत हो रहे हैं. कोरिया और भारत इस पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं. हमारे बीच एक स्पष्ट और सहज भागीदारी है.
अपने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया से भारत के लोगों के जीवन में तेजी से बदलाव लाए गये हैं. देश के सवा लाख गांवों में आप्टिकल फाइबर पहुंचा दी गयी है. दुनिया में भारत को इंवेस्टमेंट के लिए सबसे ब्राइट स्पॉट माना जा रहा है, देश को पिछले चार साल में रिकॉर्ड 263 बिलियन डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है. दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली इकोनॉमी भारत की है और अगले कुछ ही साल में भारत, पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि विश्व में टीबी के खात्मे के लिए दुनिया ने 2030 साल को टारगेट किया है. भारत में ये टारगेट 2025 का है और 130 करोड़ भारतीयों की तरफ से मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम इसे हासिल करके रहेंगे.