उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से बगावत कर दी है. उन्होंने बीजेपी की लाइन से हटकर मंगलवार को 25 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी. राजभर ने यूपी की कई अहम सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया. इसमें बनारस, लखनऊ और गोरखपुर से भी प्रत्याशी दिए गए हैं. बीजेपी ने उनसे एक सीट छोड़ने का ऑफर दिया था और कहा था कि मंत्री पद छोड़ कर वे खुद चुनाव लड़ें. दरअसल राजभर अपने बेटे के लिए अपनी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के सिंबल पर उम्मीदवारी चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. बीजेपी ने राजभर की नाराजगी दूर करने की काफी कोशिश की. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के साथ बैठक भी हुई लेकिन नाकाम रही. अंत में राजभर ने बीजेपी को चुनौती देते हुए अपने 25 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया.
इससे पहले भी राजभर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलते रहे हैं. जनवरी में राजभर ने कहा था कि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने के काबिल मानते हैं. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ने बलिया में पत्रकारों से कहा था कि मैं राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने के काबिल पाता हूं. अंतिम फैसला लोगों के हाथ में है और वे तय करेंगे कि भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा. राजभर यहीं नहीं रुके और बीजेपी को चिढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को लेकर 'लोगों को गुमराह करने का' आरोप लगाया. सीएम आदित्यनाथ के इस बयान पर कि अगर उन्हें मौका दिया जाए तो वह 24 घंटे में ही राम मंदिर मुद्दे का समाधान कर देंगे, राजभर ने पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि अगर वास्तव में बीजेपी में इतनी क्षमता थी, तो देश पर शासन के दौरान पिछले पांच सालों में इसने ऐसा क्यों नहीं किया.
पिछले साल दिसंबर में उन्होंने कहा था कि "यदि सुधार नहीं लाया गया तो उत्तर प्रदेश में 80 सीटें हैं, जिसमें दस सीटें लाना भी बीजेपी के लिए भारी होंगी. हम लोगों ने बीजेपी को बार-बार आगाह किया था कि घमंड ठीक नहीं है. उनके इस गुरुर को 5 राज्यों की जनता ने तोड़ दिया है.
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