नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण से पहले ही बीजेपी के साथ जेडीयू की तकरार सामने आई है. दरअसल, इस बार मोदी सरकार में जेडीयू ने कोई भी मंत्री पद नहीं लिया है. जिसके बाद जनता दल यूनाईटेड (JDU) के प्रधान महासचिव केसी त्यागी का कहना है कि इसका असर बिहार विधानसभा चुनाव पर देखने को मिलेगा.
दरअसल, जेडीयू की मांग थी कि उनके कोटे से तीन मंत्री होने चाहिए, लेकिन बीजेपी की तरफ से उन्हें 1 ही मंत्री पद ऑफर किया गया. नीतीश कुमार चाहते थे कि आरसीपी सिंह और लल्लन सिंह को केंद्रीय मंत्री बनाया जाए और संतोष कुशवाहा को राज्यमंत्री का दर्जा मिले. नीतीश कुमार अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जातिगत समीकरण बैठाने की कोशिश में लगे हैं. लेकिन ऐसा हो नहीं सका.
केसी त्यागी ने कहा, 'हमने पहले ही अमित शाह से कहा था कि हम निश्चित प्रतिनिधित्व चाहते हैं, लेकिन उन्होंने इसे नहीं सुना. इसका असर बिहार चुनाव पर पड़ेगा. सुबह तक हम पीएम और अमित शाह के फोन का इंतजार कर रहे थे. हालांकि शाम तक हालात नहीं बने. जिसके बाद हमें इसका (सरकार में शामिल नहीं होने का) ऐलान करना पड़ा.'
Bihar CM Nitish Kumar: They wanted only 1 person from JDU in the cabinet, so it would have been just a symbolic participation.We informed them that it is ok we don't need it. It is not a big issue, we are fully in NDA and not upset at all.We are working together,no confusion. pic.twitter.com/AsDa8EUnUN
— ANI (@ANI) May 30, 2019
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि मंत्रिमंडल में जेडीयू से केवल 1 व्यक्ति चाहते थे, इसलिए यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक भागीदारी थी. हमने उन्हें सूचित किया कि हमें मंत्री पद की जरूरत नहीं है. यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. हम पूरी तरह से एनडीए में हैं और परेशान नहीं हैं. हम एक साथ काम कर रहे हैं, कोई भ्रम नहीं है.