महाराष्ट्र की ठाणे लोकसभा सीट (ठाणे लोकसभा मतदारसंघ) पर 1996 से 2009 तक शिवसेना का वर्चस्व रहा था. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शिवसेना को चुनौती देते हुए 2009 में इस सीट पर कब्जा किया लेकिन वे इस कब्जे को बरकरार नहीं रख सके. 2014 में फिर से शिवसेना ने यहां वापिसी करते हुए लोकसभा सीट पर कब्जा कर लिया. यहां की 6 विधानसभा सीटों में से 5 पर बीजेपी-शिवसेना का कब्जा है. 2019 में यह देखने वाली बात होगी कि शिवसेना अपने इस गढ़ को बचाए रख पाती है या नहीं.
विधानसभा का गणित
ठाणे लोकसभा सीट में विधानसभा की मीरा भयंदर ,ठाणे और बेलापुर पर बीजेपी के विधायक हैं तो वहीं, ओवला-माजिवाडा और कोपरी-पचपाखाड़ी पर शिवसेना के एमएलए हैं. एक मात्र ऐरोली पर एनसीपी विधायक को जीत मिली थी.
ठाणे लोकसभा सीट का इतिहास
एक समय ठाणे लोकसभा कोलाबा लोकसभा क्षेत्र का भाग था. बाद में स्वतंत्र ठाणे लोकसभा सीट बनी. उस समय यहां 2 उम्मीदवार चुने जाते थे. शुरुआत में यहां समाजवादियों का प्रभुत्व था, बाद में कांग्रेस का दबदबा हुआ. इसके बाद लगातार कई वर्षों तक बीजेपी तथा शिवसेना का गढ़ बना. 2009 लोकसभा चुनाव में एनसीपी ने सीट इस पर कब्जा किया. 1984 में कांग्रेस के शांताराम घोलप, 1989 तथा 1991 में बीजेपी के राम कापसे के बाद 1996 से 2004 तक शिवसेना के दिवंगत प्रकाश परांजपे लगातार चार बार विजयी हुए थे. 2008 में पिता प्रकाश परांजपे की जगह बेटा आनंद परांजपे शिवसेना से विजयी हुए थे. फिर 2009 में एनसीपी के संजीव नाईक ने बाजी मारी. 2014 में एनसीपी के संजीव को हराकर शिवसेना के राजन बाबूराव विचारे यहां से सांसद बने.
वर्ष 2014 का चुनाव में कैसा रहा था रिजल्ट
2014 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना के राजन बाबूराव विचारे 5,95,364 वोट मिले थे जो कुल वोट के 56.46 फीसदी थे. उनके प्रतिद्वंदी एनसीपी के संजीव गणेश नाइक को 29.78 फीसदी यानी 3,14,065 वोट मिले. तीसरे स्थान पर रहे मनसे के अभिजीत रमेश पांसे को 4.63 फीसदी यानी 48,863 मत मिले थे.
ठाणे लोक सभा सीट का भौगोलिक दायरा
महाराष्ट्र की ठाणे लोकसभा सीट का दायरा एक तरफ नवी मुंबई तथा दूसरी तरफ मीरा भयंदर तक फैला है. तीन महानगर पालिकाओं को अपने में समेटने वाली इस लोकसभा सीट पर मौजूदा सांसद और विधायक दोनों की इज्जत दांव पर है. सेंट्रल,वेस्टर्न ,हार्बर तथा ट्रांस हार्बर चारों रेल लाईन से जुड़ी ये चर्चित सीट है.
वर्तमान सांसद का प्रोफाइल
12 वीं तक पढ़े राजन विचारे ठाणे नगर निगम में 4 बार पार्षद रहे. उनका राजनीतिक करियर उसके बाद मेयर के रूप में रहा. उन्होंने फॉर्मूलेशन में पहल की. ठाणे स्टेशनों में यातायात की स्थिति में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया. अक्टूबर 2009 में वे विधायक के रूप में चुने गए थे. एक विधायक के रूप में उनके कार्यकाल में गौदेवी बाजार की समाप्ति देखी गई. माननीय राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से पर्यावरण मंत्री द्वारा राष्ट्रीय ऊर्जा पुरस्कार प्राप्त हुआ.
संसद में कैसा रहा काम
संसद में इनकी उपस्थिति 78 फीसदी रही. इन्होंने 52 डीबेट में भाग लिया और 490 प्रश्न संसद में पूछे. प्राइवेट बिल लाने में वे फिसड्डी रहे और एक भी बिल वह संसद में लेकर नहीं आए. इनकी लोकसभा में खर्च करने के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था. उन्हें जो राशि मिली उसमें से उन्होंने 98.95 फीसदी अपनी लोकसभा के विकास कार्यों में खर्च कर दी.
2009 में राजन विचारे की संपत्ति 2 करोड़ थी जो 2014 में बढ़कर 10 करोड़ रुपये हो गई. क्रिमिनल केसों की संख्या में भी ये पीछे नहीं रहे. 2009 में इनके नाम पर 11 केस थे जो 2014 में बढ़कर 13 हो गए.