देश की बड़ी विमानन कंपनियों में शामिल जेट एयरवेज़ के भविष्य पर संकट के बादल छा रहे हैं. कर्ज के संकट से जूझ रही ये एयरलाइन अब बंद होने की कगार पर है, तो वहीं इस पर राजनीति भी तेज होती जा रही है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार सुबह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि लगता है ‘प्रधान जी’ अपने कार्यकाल में नौकरी छीनने का रिकॉर्ड बनाएंगे.
अखिलेश ने अपने ट्वीट में केंद्र सरकार की उड़ान योजना को भी आड़े हाथों लिया. अखिलेश ने ट्वीट किया कि ‘विकास’ पूछ रहा है, प्रधान जी बहुत ‘उड़ान-उड़ान’ कर रहे थे, तो फिर जेट एयरवेज को बचाने के लिए उसके हज़ारों कर्मचारियों की आवाज़ क्यों नहीं सुन रहे हैं?
अखिलेश ने लिखा कि लगता है ये प्रधान जी अपने कार्यकाल में सबसे ज़्यादा लोगों का रोज़गार छीनने का विश्व रिकार्ड बना कर ही हमेशा के लिए जाएंगे.
‘विकास’ पूछ रहा है : प्रधान जी बहुत ‘उड़ान-उड़ान’ कर रहे थे, तो फिर जेट एयरवेज को बचाने के लिए उसके हज़ारों कर्मचारियों की आवाज़ क्यों नहीं सुन रहे हैं?
लगता है ये प्रधान जी अपने कार्यकाल में सबसे ज़्यादा लोगों का रोज़गार छीनने का विश्व रिकार्ड बना कर ही हमेशा के लिए जाएंगे.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
एक और अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक वार किया तो वहीं भगोड़ा विजय माल्या भी इस मौके पर निशाना साधने से पीछे नहीं रहा. माल्या ने ट्वीट किया कि जेट एयरवेज़ हमारी कंपनी किंगफिशर की प्रतिद्वंदी थी, लेकिन आज जो उसके साथ हो रहा है मैं उसके साथ खड़ा हूं.
विजय माल्या ने लिखा कि मेरी कंपनी के साथ भी ऐसा ही हुआ था और मैंने अपना हर कर्ज चुकाने की बात भी कही है लेकिन मुझे अपराधी बना दिया गया. बैंक और मीडिया मेरे खिलाफ लगातार प्रचार कर रहे हैं, लेकिन मैं तो हर पैसा देने की बात कर रहा हूं. ये दुख की बात है कि आज भारत में कई एयरलाइंस का हश्र इस प्रकार हो रहा है.
Even though we were fierce competitors, my sympathies go out to Naresh and Neeta Goyal who built Jet Airways that India should be extremely proud of. Fine Airline providing vital connectivity and class service. Sad that so many Airlines have bitten the dust in India. Why ?
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya)
कितने संकट में जेट एयरवेज?
बता दें कि जेट एयरवेज एक बड़े कर्ज के संकट से जूझ रहा है. जिसकी वजह से वह अपने पायलट एवं कर्मचारियों को तन्ख्वाह भी नहीं दे पाया है. यही कारण रहा कि कर्मचारियों ने मदद की गुहार लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा था.
जेट एयरवेज के पायलटों के संगठन ने भारतीय स्टेट बैंक से 1,500 करोड़ रुपये जारी करने की अपील की है. संगठन ने कंपनी में काम कर रहे 20 हजार लोगों की नौकरियां बचाने की भी अपील प्रधानमंत्री से की.
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