उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी के विजय रथ को रोकने में पहले विधानसभा चुनाव में 'यूपी के लड़के' (अखिलेश यादव -राहुल गांधी) फेल हुए. इसके बाद अब लोकसभा चुनाव में बुआ-भतीजा (अखिलेश-मायावती) की जोड़ी भी पूरी तरह से नाकाम होती नजर आ रही है. आजतक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल (Exit Poll) के मुताबिक देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन पर नरेंद्र मोदी-अमित शाह की जोड़ी काफी भारी नजर आ रही है. दिलचस्प बात यह है कि महज एक एग्जिट पोल को छोड़कर सभी सर्वे में महागठबंधन की हार दिख रही है.
बता दें कि दो दशक पुरानी दुश्मनी को भुलाकर बसपा अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाकर चुनावी मैदान में उतरी थी. माना जा रहा था कि अखिलेश-मायावती की जोड़ी नरेंद्र मोदी के अश्वमेध रथ को सूबे में पूरी तरह से रोक देगा, लेकिन सातवें चरण की वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल में उनके सारे मंसूबों पर पानी फिरता दिख रहा है.
आजतक- एक्सिस माई इंडिया का एग्जिट पोल (Exit Poll) में सूबे की 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी गठबंधन को 62-68 सीटें मिलती हुई नजर आ रही हैं. जबकि सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन को 10 से 16 सीटें और कांग्रेस को 1 से दो सीटें मिलती हुई दिख रही है. बीजेपी को अकेले 60 से 66 सीटें और अपना दल को 2 सीटें मिल रही हैं. जबकि सपा को 4 से 7 और बसपा को 3 से 7 सीटें मिल रही हैं. वहीं0, कांग्रेस को एक से दो सीटें मिल रही हैं.
उत्तर प्रदेश में वोट शेयर को देखें तो बीजेपी गठबंधन को 48 फीसदी वोट मिल रहा है. जबकि सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन को 39 फीसदी वोट मिल रहा है. वहीं, कांग्रेस को महज 8 फीसदी और अन्य को 5 फीसदी मिल रहा है. इस तरह से सपा-बसपा के दलित, यादव और मुस्लिम मतों का समीकरण कोई असर दिखाता नहीं नजर आ रहा. जबकि बीजेपी के 50 फीसदी वाले दावे सच होते नजर आ रहे हैं.
उत्तर प्रदेश को लेकर बाकी एग्जिट पोल के नतीजे
चाणक्य टुडे-एनडीए 65, महागठबंधन 13, कांग्रेस 2
पोल स्ट्रेट- एनडीए 38, महागठबंधन 40, कांग्रेस 2
सी वोटर-एनडीए 38, महागठबंधन 40, कांग्रेस 2
सीएनएक्स-एनडीए 50, महागठबंधन 28, कांग्रेस-2
इप्सोस-एनडीए-60-62, महागठबंधन 17-19, कांग्रेस 1-2
वीएमआर- एनडीए 56, महागठबंधन 20, कांग्रेस 2
निल्सन- एनडीए22, गठबंधन 56,कांग्रेस 2
बता दें कि अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरे थे. उस वक्त अखिलेश और राहुल गांधी की जोड़ी को यूपी के लड़के का नारा दिया गया था. लेकिन सूबे की जनता ने चुनाव में राहुल-अखिलेश की जोड़ी नकार दिया था. कांग्रेस और सपा दोनों की करारी हार हुई.