महाराष्ट्र की बुलढाणा लोकसभा सीट पर शिवसेना के प्रत्याशी जाधव प्रतापराव गणपतराव ने शानदार जीत हासिल की है. उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी डॉ. राजेंद्र भास्करराव शिंगणे को 133287 वोटों के बड़े अंतर से धूल चटाई है. इस चुनाव में शिवसेना के जाधव प्रतापराव गणपतराव को 521977 वोट हासिल हुए, जबिक नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी डॉ. राजेंद्र भास्करराव शिंगणे को 388690 वोटों से संतोष करना पड़ा.
बुलढाणा लोकसभा सीट पर 18 अप्रैल को दूसरे चरण में वोटिंग हुई थी. इस सीट से 12 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने चुनाव मैदान में उतरे थे.
चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार बुलढाणा लोकसभा सीट पर 63.54 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया था. इस संसदीय क्षेत्र में कुल 17 लाख 58 हजार 943 मतदाता पंजीकृत हैं, लेकिन कुल 11 लाख 17 हजार 549 वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
जानिए इस चुनाव में किसको कितने वोट मिले
कौन-कौन थे उम्मीदवार
महाराष्ट्र की बुलढाणा संसदीय सीट से शिवसेना ने अपने मौजूदा सांसद जाधव प्रतापराव गणपतराव पर एक बार फिर दांव खेला था, जबकि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ने डॉ. राजेंद्र भास्करराव शिंगणे को चुनाव मैदान में उतारा था. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी ने अब्दुल हफीज अब्दुल अजीज को मौका दिया था. महाराष्ट्र के विदर्भ में आने वाली बुलढाणा लोकसभा सीट से इस बार 12 उम्मीदवार किस्मत आजमाने चुनाव मैदान में उतरे थे, जिनमें से 7 निर्दलीय प्रत्याशी थे.
पिछली बार किसको मिली जीत
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भी शिवसेना के टिकट पर जाधव प्रताप राव चुनाव जीतकर सांसद बने थे. उन्होंने एनसीपी के प्रत्याशी कृष्ण राव इंगले को हराया था. बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 23 सीटों पर बीजेपी जबकि 18 सीटों पर शिवसेना को जीत मिली थी. वहीं कांग्रेस को मात्र 2 सीटें और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 4 सीटों पर जीत मिली थी.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
बुलढाणा लोकसभा सीट पर सबसे पहले चुनाव 1951 में हुआ था. उस वक्त इस सीट से दो सांसद गोपालराव बाजीराव खेडकर और लक्ष्मण भातकर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. गोपालराव बाजीराव खेडकर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के पहले अध्यक्ष भी थे. 1957 के लोकसभा चुनाव में शिवराम रांगो राणे चुनाव जीते और 1962, 1967 में भी वो चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे.
1977 में करीब 30 साल में पहली बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. 1977 के लोकसभा चुनाव में रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया ने कांग्रेस को हराया और पहली बार दौलत गुंजाजी गवई चुनाव जीते. वहीं बुलढाणा लोकसभा सीट पर सिर्फ एक बार बीजेपी ने जीत हासिल की है.
1989 में यह सीट पहली बार बीजेपी के खाते में आई. सुखदेव नानाजी काले यहां से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. ऐसे में 2019 का मुकाबला काफी दिलचस्प है, क्योंकि बुलढाणा लोकसभा सीट से लगातार दो बार जीत हासिल करके सीट पर कब्जा जमाने वाले जाधव एक बार फिर मैदान में हैं. इस बार भी शिवसेना ने उन्हीं पर दांव खेला है.
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