कर्नाटक की बीजापुर लोकसभा सीट पर जिगाजिनागी रमेश चंदप्पा ने जनता दल सेक्युलर की डॉक्टर सुनीता देवानंद को हराया. जिगाजिनागी रमेश चंदप्पा ने 258038 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. बता दें कि इस सीट पर तीसरे चरण के तहत 23 अप्रैल को वोट डाले गए. चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक,बीजापुर लोकसभा सीट पर 61.70 फीसदी मतदान हुआ था.
कौन-कौन हैं प्रमुख उम्मीदवार
बीजापुर लोकसभा सीट से जिगाजिनागी रामेश चंदप्पा (भाजपा), पुजारी श्रीनाथ संगप्पा (बसपा), डॉ. सुनीता देवानंद (जनता दल सेक्युलर), गुरुबसवा पी राबाकवि (उत्तमा प्रजाकिय पार्टी), श्रीवेंकेटश्वर महा स्वामीजी (हिंदुस्तान जनता पार्टी), यमनप्पा वित्तल गुनादल (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया कर्नाटक)), रुद्रप्पा देयप्पा चलवाडी (भारिप बहुजन महासंघ) चुनाव लड़ रहे थे.
2014 का चुनाव
2014 लोकसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी के रमेश चंदप्पा जिगाजिनागी ने कांग्रेस के प्रकाश राठौर को करीब 70 हजार वोटों से हराया था. 2014 के चुनाव में बीजेपी को 4,71,757 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस 4,01938 वोटों पर सिमट गई थी. इस चुनाव में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ और करीब 9.66 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. पिछले चुनाव में जनता दल सेक्युलर के उम्मीदवार को 6 फीसदी यानी 57,551 वोट हासिल हुए थे. नतीजों में आम आदमी पार्टी को 0.5 फीसदी वोट मिले थे जो यहां से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही थी.
सामाजिक ताना-बाना
बीजापुर की कुल आबादी करीब 21.77 लाख है जिसमें करीब 16.22 लाख मतदाता हैं. इनमें 8.47 लाख पुरुष वोटर और 7.74 लाख महिला वोटर शामिल हैं. बीजापुर की कुल आबादी का 77 फीसदी हिस्सा ग्रामीण जनता है जबकि 23 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र की है. जातिगत समीकरण की बात करें तो इस सीट पर अनुसूचित जाति की आबादी करीब 20 फीसदी है और 2 फीसदी के करीब अनुसूचित जनजाति के लोग रहते हैं. बीजापुर लोकसभा सीट के अंतर्गत 8 विधानसभा सीटें भी आती हैं.
सीट का इतिहास
यह लोकसभा सीट पहले कांग्रेस का किला हुआ करती थी लेकिन 90 के दशक से यहां बीजेपी ने पांव पसारने शुरू किए और जनता के बीच अपना जनाधार बढ़ाने में सफल हुई. यह सीट पहले बॉम्बे स्टेट और फिर मैसूर स्टेट का हिस्सा थी लेकिन साल 1977 के लोकसभा चुनाव से इसे कर्नाटक राज्य में शामिल कर लिया गया. यहां अब तक हुए कुल 16 लोकसभा चुनाव में 9 बार कांग्रेस को जीत मिली है जबकि 4 बार बीजेपी ने अपना परचम लहराया है. बीजापुर सीट पर दो बार जनता पार्टी और 1976 में स्वतंत्र पार्टी ने भी जीत दर्ज की थी.
करीब 5 दशकों तक यहां बीजेपी का कोई नामोनिशान तक नहीं था लेकिन पहली बार 1999 के चुनाव में बीजेपी ने यहां खाता खोला और तब से अब तक इस सीट पर कमल के निशान का ही कब्जा है. साल 1999 और 2004 में बीजेपी के बसनगौड़ा पाटिल यहां से चुनाव जीते, इसके बाद 2009 और 2014 में बीजेपी के ही रमेश चंदप्पा जिगाजिनागी को बीजापुर लोकसभा सीट पर लगातार 2 बार जीत मिली.
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