राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलवर सामूहिक बलात्कार कांड पर लगातार किए जा रहे हमले का जवाब देने के लिए तीसरे दिन सामने आए. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर होते हुए कहा कि पीएम ने भाजपा के शासनकाल में हुए मामलों पर चुप्पी साधे रखी. लेकिन इस प्रकरण पर जिसमें कांग्रेस सरकार ने तुरंत एक्शन लिया है, उस पर सियासत कर रहे हैं. अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि वोट बटोरने के लिए चुनावी रैलियों में यह मुद्दा उठाया जा रहा है.
गहलोत ने कहा भाजपा शासन में महिला अत्याचार और नाबालिग बालिकाओं से दुष्कर्म की घटनाओं में इजाफा हुआ था. थानों में आम जनता की सुनवाई नहीं होती थी. लेकिन कांग्रेस सरकार में ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है. अशोक गहलोत ने कहा कि 2017 में दुष्कर्म के 3305 प्रकरण सामने आए थे. जो 2018 में बढ़कर 4335 हो गए थे. 2017 में रोजाना प्रदेश में 9 बलात्कार की घटनाएं हुई. जबकि 2018 में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई थी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में जयपुर, चित्रकूट इलाके में डकैती और दुष्कर्म की ऐसी वारदात हुई थी जिससे शहर में डर और भय का माहौल बन गया था. लेकिन किसी भी बीजेपी नेता ने न तो इस्तीफा दिया और ना ही किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई थी. चित्तौड़गढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद उसका जीवन बचाने के लिए उसका गर्भाशय निकालना पड़ा था, डांगावास प्रकरण हो या सीकर में दामिनी मामला. नोखा का डेल्टा प्रकरण हो या फिर मलसीसर में पानी लाने गई महिला से गैंग रेप प्रकरण. एसएमएस अस्पताल में अपहरण कर लाई बच्ची के साथ दुष्कर्म प्रकरण जैसी घटनाओं ने राजस्थान को शर्मसार किया था.
सीएम ने कहा, 'जब मैं गुजरात का प्रभारी था तब वहां उस समय भाजपा की सरकार मुश्किल से बच पाई थी. उसका बदला लेने के लिए नरेंद्र मोदी और अमित शाह लगातार व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं. कांग्रेस की सरकार हमेशा से ही महिलाओं के मुद्दों को लेकर गंभीर रही है. ऐसी घटना नहीं हो इसके विशेष प्रबंध किए गए हैं. जो निर्णय लिए गए हैं वह भी देश में पहली बार हुए हैं.'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पीएम साम. दाम, दंड, भेद की नीति पर चल रहे हैं. आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि चुनाव आयोग, नगरपालिका, सीआईडी, ईडी का दुरुपयोग चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है. सरकारी मीडिया और रेडियो को हाइजैक कर लिया गया है. नमो टीवी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी प्रधानमंत्री का एकतरफा महिमामंडन कर रहा है.
अलवर मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना पर आरोप लगाते हुए कहा, 'हेम सिंह भड़ाना ने पीड़ित परिवार से सौदेबाजी का प्रयास किया था. जबकि प्रधानमंत्री केस को दबाने का आरोप राज्य सरकार पर लगा रहे हैं. हेम सिंह भड़ाना के प्रकरण में सबूत जुटाए जा रहे हैं. दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पुलिस थानों में पुलिसकर्मियों के व्यवहार की शिकायतें आती रहती है. सरकार की कोशिश है कि थानों में शिष्टाचार के साथ सुनवाई की जाए. इसके लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी और सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली जाएगी. पुलिसकर्मियों के व्यवहार का रिपोर्ट कार्ड हर महीने सभी जिला एसपी और आईजी से मंगवाया जाएगा. हर 4 महीने में पुलिस और गृह विभाग की समीक्षा बैठक भी होगी. सभी जिलों में महिलाओं के बीच होने वाले अत्याचारों के मामलों में सीओ महिला सुरक्षा का पद जल्द ही सृजित किया जाएगा. ऐसे मामलों में जल्द और वास्तविक समाधान के लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट और त्वरित न्याय दिलाने के लिए 'एस ऑफिसर स्कीम' के तहत कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब एसपी ऑफिस में एफ आई आर दर्ज हो सकेगी और एफ आई आर दर्ज नहीं करने वाले थानाधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यहीं नहीं रुके उन्होंने प्रधानमंत्री और मायावती के बयानों का भी जवाब दिया. अशोक गहलोत ने कहा मायावती अगर इस मामले में बयान दे रही हैं तो उनका बोलना लाजमी है. वह एक दलित पार्टी की नेता हैं. राजस्थान में कांग्रेस को उनका समर्थन है. वह समर्थन रहेगा. उन्होंने प्रधानमंत्री से जो इस्तीफा मांगा है वह भी जायज है.
कमल हासन के नाथूराम गोडसे को लेकर दिए गए बयान के जवाब में अशोक गहलोत ने कहा कि कोई भी आतंकवादी हिंदू या मुस्लिम नहीं होता है. आतंकवाद का कोई धर्म नहीं है. अशोक गहलोत ने एक बार फिर से संघ प्रमुख मोहन भागवत से अपील की कि उन्होंने जो सुझाव दिया है उस पर वो गंभीरतापूर्वक विचार करें. देश में भाजपा और संघ का विलय हो जाना चाहिए और खुलकर राजनीति करनी चाहिए.
अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रडार वाले बयान पर भी चुटकी लेते हुए कहा, 'वे देश के प्रधानमंत्री हैं. उन्हें कुछ भी बोलने की आजादी है. लेकिन इस बयान की पूरे विश्व में चर्चा है. मेरे हिसाब से प्रधानमंत्री का बयान सही नहीं है.'
राजस्थान में भीम आर्मी की सक्रियता के सवाल पर गहलोत ने कहा कि भीम आर्मी हो, हनुमान बेनीवाल आर्मी हो या किरोड़ी लाल मीणा आर्मी. सबको अपना काम करने की आजादी है. लेकिन अगर देश में फिर से नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो आजादी नहीं रहेगी. 23 मई के बाद हार और जीत का सेहरा किसके सर बंधेगा, इसके जवाब में गहलोत ने कहा कि सेहरा जनता के सर बंधेगा. जनता ही जिताने और हराने वाली है.
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