लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ से प्रयागराज जाने से रोका गया था, तो समाजवादी पार्टी आग बबूला हो गई. सपा कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार के खिलाफ प्रयागराज, फिरोजाबाद समेत प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन किया. ये मामला अब राज्यपाल राम नाईक तक पहुंच गया है. बुधवार को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करने पहुंचा.
एमएलसी सुनील सिंह, पूर्व मंत्री अहमद अहसन और राजेंद्र चौधरी ने बुधवार सुबह राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की और अखिलेश यादव को प्रयागराज जाने से रोकने का मुद्दा उठाया. सपा-बसपा का कुल 11 सदस्य प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला.
आपको बता दें कि अखिलेश यादव को इलाहबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जाना था. जिस समय वह लखनऊ से निजी विमान में उड़ान भरने वाले थे, तभी एक वरिष्ठ जिला अधिकारी ने उन्हें कथित रूप से यह कहते हुए रोक दिया कि सपा नेता ने इसकी इजाजत नहीं ली है.
नेता विरोधी दल विधानपरिषद, श्री अहमद हसन और बसपा नेता विधानसभा श्री लाल जी वर्मा के साथ एक प्रतिनिधिमण्डल ने महामहिम राज्यपाल जी से लखनऊ राजभवन में भेंट कर ज्ञापन प्रेषित किया। pic.twitter.com/gNGgssB6sv
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 13, 2019
रोके जाने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तरप्रदेश सरकार उनसे इतना डर गई है कि वह उन्हें एक समारोह में शामिल होने से रोक रही है. जैसे ही यह खबर फैली, कई पार्टी कार्यकर्ता और नेता हवाई अड्डे की तरफ निकल पड़े.
मंगलवार को ही समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान स्थानीय पुलिस ने सभी पर लाठीचार्ज किया, इस दौरान धर्मेंद्र यादव चोटिल हो गए थे.
धर्मेंद्र यादव के अलावा फिरोजाबाद सांसद अक्षय यादव ने भी अपने क्षेत्र में प्रदर्शन किया. इतना ही नहीं ये मसला संसद में भी गूंजा. समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राज्यसभा में इस मसले को लेकर हंगामा किया, जिसकी वजह से सदन नहीं चल पाया.
समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल के बीच बहस भी हो गई थी. इस दौरान रामगोपाल ने कहा था कि यूपी के मुख्यमंत्री मूर्खता कर रहे हैं.