scorecardresearch
 

रिकॉर्ड मतों से जीतीं केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा, कोविड मैनजमेंट की गुडविल आई काम

के के शैलजा कोविड मैनेजमेंट के लिए केंद्र सरकार से भी तारीफ पा चुकी हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदन ने केरल के कोविड-19 सर्विलांस प्रोटोकॉल की तारीफ करते हुए कहा था कि अन्य राज्यों को के के शैलजा की तकनीक को सीखना चाहिए.

केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा (फोटो- इंडिया टुडे) केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा (फोटो- इंडिया टुडे)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोविड मैनजमेंट की गुडविल आई काम
  • रिकॉर्ड मार्जिन से जीत रही हैं के के शैलजा
  • कोरोना मैनजमेंट को लेकर चर्चा में रहीं

सीपीएम ने केरल में शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता में वापसी की है. मुख्यमंत्री पी विजयन ने दमदार प्रदर्शन किया है और 140 सदस्यों वाली विधानसभा में वाम गठबंधन LDF 99 सीटें जीतने में कामयाब रही हैं. 

पता दें कि केरल देश का वो राज्य है जहां कोरोना का संक्रमण सबसे पहले रिपोर्ट में आया था, ये राज्य कोरोना से बहुत प्रभावित भी हुआ था, लेकिन राज्य को कोरोना का बेहतर प्रबंधन करने का श्रेय जाता है. इस श्रेय का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा को जाता है.  

के के शैलजा एक सेवा निवृत शिक्षिका हैं और कोरोना संक्रमण के दौरान अपने काम को लेकर काफी चर्चा में रही हैं. 

चुनाव आयोग के मुताबिक के के शैलजा केरल के मट्टन्नूर विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुकी हैं. उन्हें 96129 वोट मिले हैं. वह 60000 वोटों के अंतर से जीतनें में कामयाब रही हैं.

इस सीट पर उनके खिलाफ RSP  (Revolutionary Socialist Party) के इल्लीक्कल अगस्ती चुनाव लड़ रहे थे, जबकि इस सीट से बीजेपी के बीजू एल्लाकुझी भी मैदान में थे.  

के के शैलजा कोविड मैनेजमेंट के लिए केंद्र सरकार से भी तारीफ पा चुकी हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदन ने केरल के कोविड-19 सर्विलांस प्रोटोकॉल की तारीफ करते हुए कहा था कि अन्य राज्यों को के के शैलजा की तकनीक को सीखना चाहिए.  

बता दें केरल ने कोरोना संक्रमण काल के दौरान लोगों को फूड किट्स सप्लाई किया, कम्युनिटी किचेन की शुरूआत की. इसके अलावा जो कोरोना के मरीज नहीं थे उन्हें दवाइयां सप्लाई की.  

कोरोना ही नहीं के के शैलजा राज्य में निफा वायरस के संक्रमण को रोकने में भी कामयाब रही हैं. केरल में साल 2018 और 2019 में निफा वायरस के संक्रमण की खबरें आई थी. इसके लिए उन्हें विदेशों से भी तारीफ मिली थी. 

बता दें कि 2016 में के के शैलजा कन्नूर जिले कुथुपरम्बु सीट से 12 हजार वोटों के अंतर से जीती थीं, लेकिन इस पार्टी ने उन्हें इसी जिले में अपेक्षाकृत आसान सीट मट्टन्नूर से उतारा. 
 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें