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चुनाव लड़ने की पाबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मधु कोड़ा

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने चुनाव लड़ने पर पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. मधु कोड़ा को 2017 में चुनावी खर्चों का खुलासा नहीं करने के लिए उन्हें अयोग्य ठहराया गया था. सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को उनकी याचिका को सुनने के लिए सहमत है.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (फाइल) झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (फाइल)

  • मधु कोड़ा ने चुनाव लड़ने पर पाबंदी को SC में चुनौती दी
  • खर्चों का सही से खुलासा नहीं करने लगाई गई थी रोक

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने चुनाव लड़ने पर पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. मधु कोड़ा को 2017 में चुनावी खर्चों का खुलासा नहीं करने के लिए चुनाव आयोग की ओर से उन्हें अयोग्य ठहराया गया था.

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को उनकी याचिका को सुनने के लिए सहमत है. चुनाव आयोग ने 2017 में चुनावी खर्चों का सच्चाई से खुलासा नहीं करने के लिए उन्हें अयोग्य ठहराया था.

मधु कोड़ा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य में कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार किए जाते हैं. मधु कोड़ा यूपीए गठबंधन के दौरान राज्य में 2006 से 2008 के बीच मुख्यमंत्री भी रहे थे.

अक्सर चर्चा में रहने वाले मधु कोड़ा का नाम कोयला घोटाले में भी आया था और 2017 में एक अदालत ने उन्हें तीन साल जेल और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी.

मधु कोड़ा के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी. वह ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन में सक्रिय रहे थे. इसके बाद कोड़ा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी जुड़े रहे. इससे पहले उन्होंने बतौर ठेका मजदूर भी काम किया. इस दौरान मधु कोड़ा मजदूर यूनियन के नेता भी बने.

इसी बीच कोड़ा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के संपर्क में आए और सन 2000 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर जगन्नाथपुर से विधायक बने. झारखंड के अस्तित्व में आने के बाद वह बीजेपी की अगुवाई वाली बाबू लाल मरांडी सरकार में स्वतंत्र प्रभार के मंत्री भी रहे. आगे चलकर वह 2006 में बतौर निर्दलीय मुख्यमंत्री भी बन गए.

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