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Udhna Assembly Seat: क्या उधना में बीजेपी लगा पाएगी जीत की हैट्रिक ?

2008 में नए सीमांकन के बाद उधना विधानसभा सीट, नवसारी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. इस विधानसभा क्षेत्र में कई लूम्स और एम्ब्रायडरी के छोटे-बड़े कारखाने हैं. इसके अलावा इलाके में कई लघु उद्योग भी कार्यरत हैं. ज्यादातर यहां स्लम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों के लोग रहते हैं.

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उधना में मुस्लिम वोटर निभाते हैं निर्णायक भूमिका
उधना में मुस्लिम वोटर निभाते हैं निर्णायक भूमिका
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उधना में मुस्लिम वोटर्स निभाते हैं निर्णायक भूमिका
  • साल 2017 में कांग्रेस ने सतीश चंपक पर लगाया था दांव

गुजरात में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होंगे जिसके लिए सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है. सूरत शहर के उधना विधानसभा सीट से बीजेपी के विवेक नरोत्तम पटेल विधायक हैं. साल 2017 में बीजेपी ने अपने वरिष्ठ और पूर्व कैबिनेट मंत्री नरोत्तम पटेल का टिकट काटकर यहां से विवेक पटेल को मैदान में उतारा था.

विवेक पटेल अपने निकटम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के सतीश चंपक पटेल को 40 हजार से अधिक वोटों के अंतर से मात देकर विधायक बने थे. इससे पहले विवेक पटेल गुजरात हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन थे.  

राजनीतिक पृष्ठ भूमि 

साल 2008 में हुए नए सीमांकन के बाद उधना विधानसभा अस्तित्व में आया. चौर्यासी और पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग भागों को जोड़कर नया उधना विधानसभा क्षेत्र बनाया गया. साल 2012 में पहली बार इस विधानसभा क्षेत्र से गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम पटेल को पार्टी ने मैदान में उतारा था. 

इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी धनसुख सिंह राजपूत को 32754 वोटों से हराकर पांचवीं बार वो विधायक चुने गए थे. वहीं 2017 के चुनाव में इस विधानसभा सीट पर बीजेपी ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे विवेक पटेल पर दांव खेला जिसमें विवेक पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ 42528 मतों की रिकार्ड जीत दर्ज की.

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विवेक पटेल को 87884 वोट मिले थे. अबतक उधना सीट पर दो बार विधानसभा चुनाव हुए हैं और दोनों बार बीजेपी को इस सीट पर जीत मिली है.

उधना विधानसभा क्षेत्र का परिचय और भौगोलिक स्थित 

औद्योगिक क्षेत्रों से घिरे होने की वजह से यहां दूसरे राज्यों से आए लोगों और वोटरों की संख्या काफी ज्यादा है. यहां रहने वाले महाराष्ट्र और उत्तर भारतीय वोटरों के साथ मुस्लिम मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है.  

यही वजह है कि बीजेपी ने अबतक दोनों बार उत्तर गुजरात से ताल्लुक रखनेवाले नरोत्तम पटेल और विवेक पटेल पर भरोसा जताया. वहीं कांग्रेस ने दूसरे राज्य से आकर यहां बसे धनसुख सिंह राजपूत और कोली पटेल समुदाय के नेता सतीश पटेल पर दांव लगाया.  

बरोडा रेयान कंपनी (बीआरसी) यहां की सबसे बड़ी औद्योगिक यूनिट है जोकि उधना क्षेत्र के लिए एक बड़ी पहचान है.

सामाजिक तानाबाना / चुनावी मुद्दा 

उधना विधानसभा क्षेत्र में कड़वा पटेल वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है जो लूम्स और एम्ब्रायडरी के कारोबार से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा महाराष्ट्रीयन समाज का एक बड़ा वोट बैंक यहां मौजूद है.

चूंकि इलाके में रहने वाले मराठी मतदाता जो सीधे तौर पर सांसद और वर्तमान प्रदेश प्रमुख सीआर पाटिल से जुड़े है उसका सीधा फायदा बीजेपी को मिलता है. 

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इसके अलावा इस विधानसभा में उत्तर भारतीय, ओडिशा के मूल निवासी और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. ऐसे में यहां बीजेपी को मात देने के लिए कांग्रेस ने उत्तर भारतीय नेता धनसुख सिंह राजपूत पर दांव खेला था लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई. 

वहीं, क्षेत्रीय नेता के तौर पर कांग्रेस के सतीश पटेल भी बीजेपी को रोक पाने में असमर्थ साबित हुए. आमतौर पर स्लम इलाका होने की वजह से छोटी-मोटी समस्याओं को छोड़ दिया जाए तो इलाके में सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं. 

मतदाताओं की संख्या 

उधना विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 67 हजार 653 मतदाता हैं जिनमें से 1,55,106 पुरुष और 1,12,531 महिला मतदाता और 16 अन्य मतदाता हैं.

विधायक का परिचय   
नाम : पटेल विवेक नरोत्तमदास 
जन्म : 24.12.1959
जाति :  हिन्दू- उत्तर गुजरात (कड़वा पटेल)
शिक्षा : बीई सीविल इंजीनियरिंग
आपराधिक केस :  00
व्यवसाय : व्यापार और शेयर इन्वेस्टमेंट
संपत्ति : 7,88,16,384 रुपये

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