गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले मोदी सरकार की ओर से वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दरों में भारी बदलाव के बाद कांग्रेस ने जबरदस्त तंज कसा है.
पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि देर से ही सही लेकिन मोदी सरकार ने सबक तो लिया. उन्होंने कहा कि वह और कांग्रेस पहले से ही जीएसटी की दरों में कटौती के पक्ष में थे, लेकिन अब जाकर जीएसटी के 28 फीसदी स्लैब की सूची से कई चीजों को हटाया गया और उनकी दरों में कटौती करने का फैसला लिया गया.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने की दरों में कटौती करके यह साबित कर दिया है कि उसको अब समझ में आ गया है. कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, ''मोदी सरकार के इस कदम से कांग्रेस दोषमुक्त हुई. मैं दोषमुक्त हुआ. अब जीएसटी के 18 फीसदी स्लैब को मंजूरी मिल गई.''
इतना ही नहीं, पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम में ने इससे पहले ट्वीट कर तंज कसा कि गुजरात आपका शुक्रिया. आपके चुनाव ने वो कर दिखाया, जो संसद और सामान्य सूझबूझ से नहीं किया जा सका.Congress is vindicated. I am vindicated. The merit of capping GST at 18% is now recognised.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN)
Thank you Gujarat. Your elections did what Parliament and common sense could not do.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN)
दरअसल, शुक्रवार को जीएसटी परिषद ने चुइंग गम से लेकर चॉकलेट, सौंदर्य प्रसाधनों, विग से लेकर हाथ घड़ी तक 178 उत्पादों पर कर की दरें घटा दी. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कहा कि आम इस्तेमाल वाली 178 वस्तुओं पर कर दर को मौजूदा के 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है.
इसके अलावा पी चिदंबरम ने गुवाहाटी में जीएसटी काउंसिल की 23वीं बैठक के पहले ट्वीट कर कहा था कि वित्तमंत्री को जीएसटी की दरों में मजबूरन बदलाव करना होगा. आगरा, सूरत, तिरुपपुर और अन्य टाउन में लोग जीएसटी की बैठक पर नजर बनाए हुए हैं.
Congress FMs will force changes in GST Council meeting today. Agra, Surat, Tiruppur and other hub towns are watching.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN)
मालूम हो कि पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस पार्टी जीएसटी को लागू करने के मसले पर मोदी सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर रखा है. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ने गुजरात विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर जीएसटी की दरों में बदलाव किया है. व्यापारियों की आबादी वाले राज्य गुजरात में चुनाव को मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर जनमत संग्रह माना जा रहा है.
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने मोदी के गृहराज्य गुजरात के चुनाव में जीएसटी और नोटबंदी को ही मुद्दा बनाया है. ऐसे में मोदी सरकार की ओर से जीएसटी की दरों में कटौती को अहम माना जा रहा है.