Delhi Elections 2020 (Laxmi Nagar Assembly Seat): लक्ष्मीनगर विधानसभा क्षेत्र. इस सीट पर आम आदमी पार्टी का प्रभाव रहा है. 2013 में जब पहली बार आम आदमी पार्टी इस सीट से चुनाव लड़ी तो उनके उम्मीदवार विनोद कुमार बिन्नी इस सीट से विधायक चुने गए थे. हालांकि बाद में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था.
बिन्नी इसके बाद बीजेपी में शामिल हो गए थे. 2015 विधानसभा चुनाव में बिन्नी पटपड़गंज सीट से बीजेपी के उम्मीदवार बन कर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए. उन्हें मनीष सिसोदिया के हाथों शिकस्त का मुंह देखना पड़ा.
लक्ष्मीनगर विधानसभा सीट पर मौजूदा विधायक नितिन त्यागी आम आदमी पार्टी से विधायक हैं. 2015 विधानसभी चुनाव में नितिन त्यागी को 58,229 वोट मिले थे. जबकि निकटम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी उम्मीदवार बीबी त्यागी को 53,383 वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा था. यानी हार का अंतर 4846 मतों का था.
इससे पहले 2013 दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी के विनोद कुमार बिन्नी और 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के डॉ अशोक कुमार वालिया ने जीत हासिल की थी.
2015 के आंकड़ों के मुताबिक लक्ष्मीनगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,03,695 मतदाता हैं. जिनमें से 1,15,298 पुरुष और 88,380 महिला वोटर्स ने वोट किए थे.
इनके बीच मुकाबला
आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर से नितिन त्यागी पर भरोसा दिखाया है. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अभय कुमार वर्मा को जबकि कांग्रेस ने हरि दत्त शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है.
पिछले चुनाव में AAP को मिली थीं 67 सीटें
बता दें कि 2013 विधानसभा चुनाव में दिल्ली में पहली बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी. हालांकि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को 28 सीटें ही मिली थी लेकिन कांग्रेस ने अपनी सात सीटों के समर्थन से राज्य में अरविंद केजरीवाल को सरकार बनाने का मौका दिया.
वहीं 32 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आने वाली बीजेपी विपक्ष की भूमिका में रही. लेकिन यह सरकार लंबे समय तक चल नहीं पाई और 49 दिनों बाद केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. जिसके बाद कुछ दिनों तक राज्य में राष्ट्रपति शासन रहा और फिर 2015 में एक बार फिर से चुनाव हुआ.
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दिल्ली में कुल वोटर्स की संख्या
चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक दिल्ली में कुल 1,46,92,136 मतदाता रजिस्टर्ड हैं. वहीं वोट डालने के लिए चुनाव आयोग ने कुल 2,698 वोटिंग केंद्र बनाए हैं, जबकि 13,750 पोलिंग स्टेशन.
इस बार दिल्ली में कुल 80,55,686 पुरुष मतदाता, 66,35,635 महिला मतदाता और 815 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल होंगे. वहीं चुनाव आयोग ने इस बार कुल 55,823 दिव्यांग वोटर्स को मतदान कराने के लिए अलग से व्यवस्था कराई है.
इस बार चुनाव आयोग को 489 NRI (नॉन रेसिडेंट ऑफ इंडिया) यानी कि विदेशों में रहने वाले भारतीय वोटर्स के मतदान की भी उम्मीद है.
वहीं दिल्ली में सर्विस वोटर्स की बात करें तो 11,556 वोटर्स में 9,820 केवल पुरुष मतदाता हैं.
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कब होगी मतगणना?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पहली पूर्ण विधानसभा का गठन नवंबर 1993 में हुआ था. इससे पहले दिल्ली में मंत्रीपरिषद की व्यवस्था हुआ करती थी. 70 सदस्यीय विधानसभा में एक चरण में मतदान हो रहा है.
8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे जबकि मतगणना 11 फरवरी को होगी. दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी 2020 को समाप्त हो रहा है.