दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन करीब 7 घंटे के इंतजार के बाद आखिरकार अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है. गौरतलब है कि सोमवार को रोड शो में शामिल होने की वजह से केजरीवाल पर्चा भरने से चूक गए थे. इसके बाद आज वे पूरे परिवार के साथ नामांकन करने जामनगर हाउस पहुंचे थे. केजरीवाल के नामांकन में हुई देरी को लेकर आम आदमी पार्टी ने इसे साजिश करार देने की कोशिश की है.
मंगलवार को केजरीवाल के नामांकन में कई घंटों की हुई देरी को आप के कई नेताओं ने राजनीतिक साजिश बताने की कोशिश की है. जामनगर हाउस में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरने वालों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि केजरीवाल का नंबर आने का नाम ही नहीं ले रहा था. केजरीवाल का टोकन नंबर 45 था, लिहाजा उनका इंतजार लंबा होता गया. आम आदमी पार्टी के नेता ट्वीट करने लगे कि जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है.

मनीष सिसोसदिया ने ट्वीट कर बताया साजिश
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट में लिखा- बीजेपी वालों! चाहे जितनी साजिश कर लो! अरविंद केजरीवाल को न नॉमिनेशन भरने से रोक पाओगे और न ही तीसरी बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने से. तुम्हारी साजिशें कामयाब नही होंगी.
बीजेपी वालो! चाहे जितनी साज़िश कर लो! @ArvindKejriwal को न नोमिनेशन भरने से रोक पाओगे और न ही तीसरी बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने से...
तुम्हारी साज़िशें कामयाब नही होंगी. https://t.co/ROd6Ra1sy9
— Manish Sisodia (@msisodia) January 21, 2020
सौरभ भारद्वाज ने भी साजिश बताने की कोशिश की
अरविंद केजरीवाल के नामांकन दाखिल करने के बाद AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने आजतक से हुई खास बातचीत में कहा कि राजनीति में सबको चुनाव लड़ने का हक है. ये लोग पिछले कई दिनों से टोकन लेते थे. कल भी 50 लोगों ने टोकन लिया और नामांकन दाखिल नहीं किया क्योंकि केजरीवाल कल नहीं आए. ये संगठित ग्रुप था जो साजिश के तहत आया था.
सौरभ ने आगे कहा, "अरविंद केजरीवाल के खाने पर भी लोगों ने दिक्कत की. उनके घर से पराठे आए थे, उन्हें शुगर की बीमारी है. RO ऑफिस को भी ध्यान रखने की जरूरत थी."
चुनाव आयोग ने किसी भी साजिश से किया इनकार
इस बीच चुनाव आयोग की तरफ से इस मुद्दे पर सफाई भी आ गई. चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा है कि उसे सोशल मीडिया से जानकारी मिली है कि केजरीवाल के नामांकन में रिटर्निंग ऑफिसर ने देरी की है और 30-35 मिनट तक उनका नामांकन पत्र जांचा है.
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जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि उपरोक्त जानकारी भ्रामक है और चुनाव मशीनरी की ओर से जानबूझकर कोई देरी नहीं की गई है. उम्मीदवारों से नामांकन प्राप्त करते समय आरओ द्वारा पालन की जाने वाली एक प्रक्रिया है.
Office of District Election Officer,New Delhi:It is hereby clarified that the above information is misleading and there is no deliberate delay on the part of election machinery. There is a procedure to be followed by RO while receiving nominations from candidates. 2/2
— ANI (@ANI) January 21, 2020
नामांकन केन्द्र पर हुआ काफी हंगामा
सोमवार को नामांकन के लिए केजरीवाल लेट हो गए थे, लिहाजा आज फिर वो नामांकन करने जामनगर हाउस पहुंचे थे. आज उनके साथ लाव-लश्कर नहीं था. उनके साथ में माता-पिता, पत्नी, बेटी, आम आदमी पार्टी के कुछ नेता और वकील थे. सवा 12 बजे केजरीवाल जामनगर हाउस में रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर पहुंचे. वहां पहले से ही भारी भीड़ जमा थी. केजरीवाल दफ्तर के भीतर जाने लगे तो वहां मौजूद निर्दलीय उम्मीदवारों ने हंगामा खड़ा कर दिया.
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केजरीवाल को डायरेक्ट एंट्री क्यों मिल गई, उन्हें वीवीआईपी ट्रीटमेंट क्यों दिया गया. इसी दौरान कांग्रेस प्रत्याशी रोमेश सभरवाल और बीजेपी प्रत्याशी सुनील यादव भी जामनगर हाउस पहुंच चुके थे. रिटर्निंग ऑफिस में इतने प्रत्याशियों की भीड़ देख अरविंद केजरीवाल थोड़े खीझे, लेकिन अपनी खीझ उन्होंने ज्यादा जाहिर नहीं होने दी. बोले सब मिलकर उन्हें हराना चाहते हैं.
हैट्रिक लगाने की उम्मीद के साथ मैदान में उतरे केजरीवाल
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार केजरीवाल ने नामांकन कर दिया है. केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा सीट पर 2013 में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराया था। 2015 में बीजेपी की नूपुर शर्मा को हराया था. केजरीवाल यहां से इस बार जीत का हैट्रिक लगा पाएंगे या नहीं, इस सवाल का जवाब हमें 11 फरवरी को मिलेगा.