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शेखपुरा विधानसभा सीट: 2010 में JDU ने लगाई कांग्रेस के किले में सेंध, हैट्रिक पर है नजर

शेखपुरा विधानसभा सीट साल 1957 में अस्तित्व में आई. यहां पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस की लीला देवी ने जीत हासिल की. अबतक इस सीट पर हुए 18 चुनावों में 11 बार कांग्रेस को जीत हासिल हुई.

शेखपुर में कांग्रेस को 2005 में मिली थी आखिरी जीत (फाइल फोटो) शेखपुर में कांग्रेस को 2005 में मिली थी आखिरी जीत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शेखपुरा विधानसभा सीट साल 1957 में अस्तित्व में आई
  • 2010 में ढह गया था कांग्रेस का किला
  • जेडीयू ने कांग्रेस को दी थी मात

बिहार की शेखपुरा विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई. पहले चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली. शेखपुरा कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था. लेकिन 2010 में जेडीयू ने उसके किले में सेंध लगा दी. जेडीयू पहली बार यहां पर जीतने में सफल रही. पिछले दो चुनावों से उसे यहां पर जीत मिलती आई है. इस सीट पर सबसे ज्यादा कांग्रेस को ही सफलता मिली है. वह 11 बार यहां पर विधानसभा चुनाव जीत चुकी है. 

सामाजिक ताना-बाना

शेखपुरा विधानसभा सीट (169) बिहार के शेखपुरा जिले में स्थित है और जमुई (एससी) संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है. 2011 की जनगणना के अनुसार, शेखपुर की जनसंख्या 341089 है. यहां 81.55% ग्रामीण और 18.45% शहरी आबादी है. अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या से क्रमशः 19.2 और 0.09 है.

शेखपुरा 31 जुलाई 1994 को मुंगेर जिले से अलग होकर अस्तित्व में आया था. यह बिहार के दक्षिणी भाग में स्थित है, जो उत्तर में नालंदा और पटना जिले, दक्षिण में नवादा और जामूई जिले, पूर्व में लखीसराय जिले और पश्चिम में नालंदा और नवादा जिले में स्थित है. 

राजनीतिक पृष्ठभूमि

शेखपुरा विधानसभा सीट साल 1957 में अस्तित्व में आई. यहां पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस की लीला देवी ने जीत हासिल की. अबतक इस सीट पर हुए 18 चुनावों में 11 बार कांग्रेस को जीत हासिल हुई. पहले कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय राजो सिंह, फिर उनके पुत्र और बाद में पुत्रवधू यहां कांग्रेस का परचम लहराने में सफलता पाई.

2010 में ढह गया कांग्रेस का किला 

2010 में जेडीयू ने कांग्रेस के इस अभेद किले को ढाह कर उस पर कब्जा जमा लिया. जेडीयू के रणधीर कुमार सोनी ने कांग्रेस की सुनीला देवी को पराजित कर कांग्रेस से ये सीट छीन ली. पिछले यानी 15वें विधानसभा चुनाव में भी रणधीर कुमार सोनी जेडीयू  के टिकट पर यहां से जीते. इस सीट पर जेडीयू को 2 और सीपीआई को 3 बार जीत मिली है. 

2015 का जनादेश

2015 के विधानसभा चुनाव में शेखपुरा में 228545 वोटर्स थे. इसमें से 53.21 फीसदी पुरुष और 46.78 फीसदी महिला वोटर्स थीं. 2015 के चुनाव में 127088 लोगों ने वोटिंग की थी. शेखपुरा में 55 फीसदी मतदान हुआ था. इस चुनाव में जेडीयू के रणधीर कुमार सोनी ने जीत हासिल की थी. उन्होंने हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के नरेश साव को हराया था. रणधीर कुमार को 41755 (32.86 फीसदी) वोट मिले थे तो वहीं नरेश साव के खाते में 28654 (22.55 फीसदी) वोट पड़े थे.  

विधायक के बारे में 

24 जुलाई 1974 को जन्मे रणधीर कुमार सोनी की शैक्षणिक योग्यता एमए है. उनकी पत्नी का नाम पूनम कुमारी है. रणधीर कुमार सोनी के दो बेटे और दो बेटियां हैं. रणधीर कुमार ने 2001 में राजनीति में एंट्री की. वह 2010 में चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे. इसके बाद उन्होंने 2015 के चुनाव में भी जीत हासिल की. वह ग्राम पंचायत- कटारी के मुखिया रह चुके हैं.

ये प्रत्याशी हैं मैदान में

शेखपुरा विधानसभा सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां से जेडीयू के रणधीर कुमार सोनी और आरजेडी के विजय कुमार प्रत्याशी हैं. विजय कुमार सिन्हा यहां के मौजूदा विधायक हैं. बता दें कि रणधीर कुमार यहां के मौजूदा विधायक हैं. 

कब होगी वोटिंग

शेखपुरा में पहले चरण के तहत मतदान होगा. यहां पर 28 अक्टूबर को वोटिंग होगी. वहीं, मतगणना 10 नवंबर को की जाएगी.

 

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