बिहार में चुनाव प्रचार धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भी मैदान में उतर आए हैं. वो ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं. बुधवार को उन्होंने सबसे पहले अमरपुर में रैली की, इसके बाद वो भागलपुर के सुल्तानगंज गए और फिर तारापुर में तीसरी जनसभा को संबोधित किया. तारापुर के बाद नीतीश की आखिरी रैली पटना जिले के मोकामा में है.
तारापुर की रैली में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि वो कहते हैं कि पुरानी बात बोल रहे हैं, आपको जब मौका मिला तो आपने काम नहीं किया. लालू यादव के शासन की याद दिलाते हुए नीतीश ने कहा कि आपने धंधा किया इसलिए अंदर हैं.
नीतीश ने कहा, ''पति-पत्नी ने 15 साल काम किया, किसके लिए काम किया? अपने परिवार के लिए ही काम किया न? जो अंदर हैं वो अपने लिए काम करने के कारण ही अंदर हैं न.''
चारा घोटाला केस में सजा काट रहे लालू यादव का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने कहा कि हमें मौका मिला तो हमने बिहार की जनता के लिए काम किये. जनता ने औरों को मौका दिया तो उन्होंने अपना विकास किया जिसकी सजा आज जेल में भुगत रहे हैं.
बता दें कि नीतीश कुमार और जेडीयू लगातार लालू यादव और राबड़ी यादव के 15 साल के शासन को आगे रखते हुए प्रचार कर रहे हैं. साथ ही नीतीश कुमार के 15 सालों में किए गए कामों को गिना रहे हैं. दोनों के राज की तुलना की जा रही है. जबकि तेजस्वी कह रहे हैं कि आप पुरानी बात क्यों कर रहे हैं, आपके राज में पलायन क्यों नहीं कम हुआ, रोजगार क्यों मिला ये बताइए.
भाषण की अन्य अहम बातें
-नीतीश कुमार ने कहा कि हमारा लक्ष्य न्याय के साथ विकास था और ऐसा ही करने का प्रयास हमने किया है. समाज के हर तबके और इलाके के लिए काम किया है. जो वर्ग किनारे पर था, उसे मुख्यधारा में लाने का काम काम किया है.
-नीतीश कुमार ने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं के उत्थान का काम किया है. उन्हें आरक्षण दिया है. आज तमाम जनप्रतिनिधि महिलाएं हैं. नौकरियों में महिलाएं हैं. लड़कियां पढ़ रही हैं. पहले पटना में लड़कियां साइकिल नहीं चलाती थीं, अब गांव-गांव में लड़कियों के पास साइकिल पहुंच गई है.
- नीतीश कुमार ने बताया कि 2005-06 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद मात्र 76 हजार 466 करोड़ था जिसे अब 4 लाख 14 हजार 975 करोड़ किया गया है. और तो और प्रति व्यक्ति आय पहले 8 हजार 481 रुपया था आज मात्र 34 हजार 413 रुपया हो गया है.
तारापुर सीट से आरजेडी के बड़े नेता शकुनी चौधरी जीतते रहे हैं. हालांकि, 2010 में जेडीयू की नीता चौधरी ने शकुनी को हरा दिया था. इस तरह तारापुर में जेडीयू को पहली जीत मिली थी. इसके बाद 2015 में भी जेडीयू प्रत्याशी को ही जीत मिली और डॉ. मेवालाल चौधरी (एमएल चौधरी) विधायक बने. इस बार भी पार्टी ने एमएल चौधरी को ही टिकट दिया है.
इस चुनाव में हालात थोड़े अलग हैं. तारापुर विधानसभा जमुई लोकसभा क्षेत्र में आती है. जमुई से एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान दो बार से सांसद बन रहे हैं. इस बार वो एनडीए से अलग होकर बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. यानी एलजेपी के उम्मीदवार जेडीयू को खुली चुनौती दे रहे हैं.
वहीं, इस सीट से आरजेडी ने दिव्या प्रकाश यादव को टिकट दिया है. दिव्या पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. वो जयप्रकाश नारायण यादव की बेटी हैं. जयप्रकाश नारायण यादव उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जो हमेशा लालू यादव के साथ रहे.