
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में कांटी विधानसभा सीट पर भी इस बार दमदार मुकाबला देखने को मिला. कांटी विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में अशोक कुमार चौधरी ने जीत दर्ज की थी. अशोक कुमार ने निर्दलीय विधायक के तौर पर जीत दर्ज की थी. वही अब आरजेडी उम्मीदवार मोहम्मद इजरायल ने जीत हासिल की है.
कांटी सीट पर 3 नवंबर 2020 को मतदान हुआ. इस बार इस सीट से चुनावी मैदान में आरजेडी की ओर से मोहम्मद इजरायल मंसूरी, जेडीयू के मोहम्मद जमाल उतरे. वहीं अजीत कुमार ने निर्दलीय के तौर पर इस सीट से चुनाव लड़ा. इस सीट पर 63.18 फीसदी मतदान हुआ. इस सीट से आरजेडी उम्मीदवार मोहम्मद इजरायल को 64458 वोट हासिल हुए. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार अजीत कुमार को 54144 वोट मिले.

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में अशोक कुमार चौधरी ने निर्दलीय के तौर पर जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया. उन्होंने 9,275 वोटों से जीत हासिल की थी. अशोक कुमार चौधरी ने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अजीत कुमार को साल 2015 में शिकस्त दी थी.
कांटी विधानसभा सीट
कांटी विधानसभा बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित है और वैशाली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 437716 आबादी में से 91.1% ग्रामीण है और 8.9% शहरी आबादी है. यहां अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या में से क्रमशः 16.63 और 0.06 है. 2019 की मतदाता सूची के मुताबिक इस निर्वाचन क्षेत्र में 293662 मतदाता और 302 मतदान केंद्र हैं.
2015 विधानसभा चुनाव
साल 2015 के विधानसभा चुनाव में कांटी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार अशोक कुमार चौधरी ने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अजीत कुमार को हरा दिया. अशोक कुमार को 58111 वोट हासिल हुए तो वहीं अजीत कुमार 48836 वोट मिले. वहीं तीसरे नंबर पर आरजेडी उम्मीदवार परवेज आलम को 47050 वोट हासिल हुए. 2015 में कांटी सीट पर 275200 मतदाता थे. इनमें से 179468 लोगों ने मतदान किया. 2015 के विधानसभा चुनावों में यहां मतदान 65.24% था.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
कांटी विधानसभा सीट पर पिछले कुछ सालों से अजीत कुमार का दबदबा देखने को मिला था. कांग्रेस की टिकट पर 1995 और एजेबीपी की टिकट पर साल 2000 में हारने के बाद फरवरी 2005 में एलजेपी की टिकट पर और इसके बाद अक्टूबर 2005 और 2010 के चुनाव में जेडीयू की टिकट पर जीत हासिल की. हालांकि 2015 के चुनाव में अजीत कुमार को अशोक कुमार के हाथों हार का सामना करना पड़ा.