scorecardresearch
 

दिलचस्‍प हुई जीरादेई की जंग, JDU विधायक कर रहे महागठबंधन का समर्थन

इस विधानसभा चुनाव में जीरादेई सीट की जंग बेहद दिलचस्‍प हो गई है. दरअसल, इस बार जेडीयू ने अपने वर्तमान विधायक रमेश सिंह कुशवाहा का टिकट काट दिया है.

 रमेश सिंह कुशवाहा खुलेतौर पर महागठबंधन उम्‍मीदवार का समर्थन कर रहे हैं रमेश सिंह कुशवाहा खुलेतौर पर महागठबंधन उम्‍मीदवार का समर्थन कर रहे हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की जन्मभूमि है जीरादेई
  • इस सीट से 2015 में जेडीयू को मिली थी जीत
  • जेडीयू ने विधायक रमेश कुशवाहा का टिकट काटा

बिहार के सीवान जिले में जीरादेई विधानसभा का अपना महत्‍व है. जीरादेई सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं है बल्कि देश के प्रथम राष्‍ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की जन्‍मभूमि के लिए भी चर्चित रहा है. इस विधानसभा चुनाव में जीरादेई सीट की जंग बेहद दिलचस्‍प हो गई है. दरअसल, इस बार जेडीयू ने अपने वर्तमान विधायक रमेश सिंह कुशवाहा का टिकट काट दिया है. ऐसे में रमेश सिंह कुशवाहा बागी होकर खुलेतौर पर महागठबंधन उम्‍मीदवार का समर्थन कर रहे हैं. 

कौन है महागठबंधन से उम्‍मीदवार?
महागठबंधन की ओर से जीरादेई विधानसभा की सीट माले के खाते में गई है. इस सीट से भाकपा माले ने अमरजीत सिंह कुशवाहा को टिकट दिया है. अमरजीत कुशवाहा 2015 विधानसभा में भी माले के टिकट पर चुनाव मैदान में थे. इस चुनाव में उन्‍हें करीब 35 हजार वोट मिले थे और वह तीसरे स्‍थान पर रहे. बता दें कि 2015 विधानसभा चुनाव में आरजेडी और जेडीयू गठबंधन मिलकर चुनाव लड़े थे. ऐसे में जीरादेई में बीजेपी की पुरानी नेत्री और पूर्व विधायक आशा पाठक को टिकट मिला था. जेडीयू के रमेश कुशवाहा ने बीजेपी की आशा पाठक को करीब 6 हजार से अधिक वोटों से हरा दिया था.

जेडीयू ने किसे दिया है टिकट?
वैसे तो इस सीट पर जेडीयू ने महिला उम्‍मीदवार कमला कुशवाहा को टिकट दिया है. लेकिन सारे सियासी समीकरण उनके पति संजय कुशवाहा बना रहे हैं. विवादित छवि होने की वजह से संजय कुशवाहा महागठबंधन उम्‍मीदवार के निशाने पर हैं. वर्तमान जेडीयू विधायक रमेश कुशवाहा भी पार्टी की उम्‍मीदवार कमला के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं.

देखें: आजतक LIVE TV

रमेश कुशवाहा लोगों से महागठबंधन उम्‍मीदवार अमरजीत सिंह कुशवाहा को वोट देने की अपील कर रहे हैं. लंबे समय से रमेश सिंह कुशवाहा भाकपा माले से जुड़े रहे हैं. यही वजह है कि कुशवाहा को माले कार्यकर्ताओं का समर्थन भी मिलता है. जीरादेई विधानसभा में पड़ने वाले नौतन और मैरवा प्रखंड में माले की अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है. वहीं, बीजेपी के दिग्‍गज नेता रामाकांत पाठक की बहू उगम संजय पाठक भी निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं. आपको बता दें कि रामाकांत पाठक की पत्‍नी आशा पाठक बीजेपी से विधायक रह चुकी हैं और पिछली बार दूसरे स्‍थान पर थीं.

अन्‍य उम्‍मीदवार भी मैदान में 
जीरादेई विधानसभा क्षेत्र से एलजेपी के उम्मीदवार विनोद तिवारी ने भी नामांकन किया है. पूर्व जिला पार्षद विनोद तिवारी आपराधिक परिवार से आते हैं, इसलिए लोगों में उत्‍साह नहीं दिख रहा है. इसके अलावा पीपुल्स प्लूरल्स पार्टी के उम्मीदवार मारकंडेय उपाध्याय उर्फ बुलेट बाबा, महात्मा सिंह, भारतीय लोकनायक पार्टी के उम्मीदवार विनोद कुमार सिंह भी चुनाव मैदान में हैं. 

जीरादेई विधानसभा सीट के बारे में 
जीरादेई विधानसभा बिहार के सीवान जिले में स्थित है. 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 367965 जनसंख्या 93.6% ग्रामीण है और 6.4% शहरी आबादी है. कुल जनसंख्या में से अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात क्रमशः 10.93 और 4.14 है. 2019 की मतदाता सूची के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 273028 मतदाता और 273 मतदान केंद्र हैं.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें