बिहार के गया को मोक्ष नगरी भी कहा जाता है. यहां लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान करने के लिए आते हैं. राजनीतिक में भी गया का अहम योगदान है. दरअसल, गया शहर सीट से बीजेपी के प्रेम कुमार सात बार से विधायक बनते आ रहे हैं. इस बार महागठबंधन की कोशिश प्रेम कुमार के विजय रथ को रोकने की होगी. पिछली बार इस सीट से कांग्रेस के प्रियरंजन डिंपल लड़े थे, लेकिन इस बार कांग्रेस के कई नेता अपनी दावेदारी कर रहे हैं.
गया शहर सीट का राजनीतिक इतिहास
इस सीट पर पहला चुनाव 1952 में हुआ था. कांग्रेस के केशव प्रसाद पहले विधायक बन थे. 1957 में लतीफुर्रहमान, 1962 में श्यामचरण भरथुआर जीते. 1967 और 1969 में जनसंघ पार्टी से गोपाल मिश्रा ने इस सीट पर कब्जा जमाया था. 1972 में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. युगल किशोर प्रसाद जीते. 1977 के चुनाव में जनता पार्टी से सुशील सहाय जीते.
1980 से लेकर 90 तक लगातार 10 साल तक कांग्रेस के जय कुमार पालित यहां के विधायक रहे. 1990 में प्रेम कुमार को बीजेपी ने टिकट दिया और वह जीत गए. 1990 से लेकर अभी तक हुए कुल 7 विधानसभा चुनाव में वे लगातार जीत हासिल करते हुए लगातार 30 साल तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का इतिहास रचा है.
सामाजिक तानाबाना
गया शहर विधानसभा की जनसंख्या 5 लाख 44 हजार 860 है, जबकि कुल वोटर की संख्या 2 लाख 65 हजार 533 है. इनमें से 138289 पुरुष वोटर और 127229 महिला वोटर हैं. 2011 की जनगणना के मुताबिक, यहां पर अनुसूचित जाति के वोटरों की तादात करीब 10 फीसदी है. 2015 के चुनाव में करीब 52 फीसदी लोगों ने वोट किया था.
2015 के चुनावी नतीजे
2015 के चुनाव में भाजपा के प्रेम कुमार को 66891 वोट मिला था, जबकि दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के प्रेमरंजन डिंपल को 44102 वोट मिले थे. आरजेडी और जेडीयू अभी तक इस सीट से चुनाव मैदान में नहीं उतरी है. तीसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी राज कुमार प्रसाद (7170 वोट) और चौथे नंबर पर सीपीआई प्रत्याशी मसूद मंजर (2363 वोट) रहे.
विधायक प्रेम कुमार के बारे में
गया शहर विधानसभा सीट से 1990 से लगातार 7 बार जीत दर्ज करने वाले प्रेम कुमार इस समय कृषि मंत्री हैं. वह एनडीए सरकार में पीएचईडी, नगर विकास, पथ निर्माण विभाग को संभालने का मौका मिला था. 2015 में महागठबंधन की सरकार बनने पर उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भी भूमिका निभाई.
प्रेम कुमार की ओर से 2015 के चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, उनके ऊपर एक आपराधिक केस दर्ज है. उनके पास 1 करोड़ 53 लाख की संपत्ति है. साथ ही उन पर 48 लाख रुपये की देनदारी है.
कौन-कौन है मैदान में?
शिवसेना- ब्यूटी सिन्हा
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी- रणधीर कुमार
भारतीय जनता पार्टी- प्रेम कुमार
कांग्रेस- अखुरी ओंकार नाथ
जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक)- निखिल कुमार
कब हुआ चुनाव?
पहला चरण – 28 अक्टूबर, 2020
नतीजा – 10 नवंबर, 2020
कितने फीसदी मतदान?
गया शहर विधानसभा सीट पर पहले चरण में मतदान हुआ था. इस दौरान 49.49 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे.