बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज होने लगी है. इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी मोड में नजर आने लगी हैं. रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार के लोगों के लिए वर्चुअल रैली कर रहे हैं. वहीं इस रैली के विरोध में आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर थाली बजाई.
बिहार की राजधानी पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, विधानसभा में विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे और जमकर थाली बजाई.
खाली बर्तन अधिक शोर करता है!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) June 7, 2020
आज गरीबों का बर्तन खाली है और सरकार के पाप का घड़ा भरा!
गरीबों, किसानों और मज़दूरों को जितना सहन करना था, उतना कर लिया! बिहार की उपेक्षित जनता अब और सहने को तैयार नहीं! pic.twitter.com/ZZo99p3kgn
इस दौरान बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की नीतीश सरकार पर मजदूरों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिक की तरह का बर्ताव करने का आरोप लगाया. साथ ही दावा किया कि पूरे देश में करीब 12 करोड़ मजदूर सड़क पर हैं.
बिहार में बीजेपी की चुनावी तैयारी शुरू, अमित शाह आज करेंगे पहली वर्चुअल रैली
रविवार को तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, 'प्रचार के लिए एक एलईडी स्क्रीन पर औसत खर्च 20 हजार रुपये. भारतीय जनता पार्टी की आज की रैली में 72 हजार एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं. इसका मतलब यह है कि 144 करोड़ रुपये सिर्फ एलईडी स्क्रीन पर खर्च किए जा रहे हैं. श्रमिक एक्सप्रेस का किराया 600 रुपये था, वो देने के लिए न सरकार आगे आई और न ही भारतीय जनता पार्टी. इनकी प्राथमिकता गरीब नहीं, बल्कि चुनाव है.'
इसके अलावा आरजेडी के कई नेताओं ने भी अपने घरों से बाहर निकलकर थाली बजाई. आपको बता दें कि रविवार को अमित शाह अपनी पार्टी के लिए बिहार में पहली वर्चुअल रैली 'बिहार जनसंवाद' कर रहे हैं. हालांकि यह रैली पूरी तरह से ऑनलाइन हो रही है और अमित शाह के साथ-साथ कार्यकर्ता भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें शामिल हो रहे हैं.