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बिहारः वाल्मीकि नगर में थारू के तीन लाख वोट, तीन विधानसभा सीटों पर है असर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दूसरे चरण की वोटिंग से पहले आरक्षण का बड़ा दांव चला है. उन्होंने आबादी के हिसाब से आरक्षण की मांग उठाकर थारू जनजाति को साधने का दांव चला है. नेपाल से सटे हुए बिहार के वाल्मीकि नगर इलाके में इनकी अच्छी खासी आबादी है और लंबे समय से थारु समुदाय के लोग पांच फीसदी आरक्षण की मांग करते रहे हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • थारू जनजाति की लंबे समय से आरक्षण की मांग
  • नेपाल से सटे पश्चिमी चंपारण जिले में थारू जनजाति
  • नीतीश कुमार ने थारू समाज को साधने का दांव चला

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 94 सीटों के लिए राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रचार अभियान तेज कर दिए हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दूसरे चरण की वोटिंग से पहले आरक्षण का बड़ा दांव चला है. उन्होंने आबादी के हिसाब से आरक्षण की मांग उठाकर थारू जनजाति को साधने का दांव चला है. नेपाल से सटे हुए बिहार के वाल्मिकी नगर इलाके में इनकी अच्छी खासी आबादी है और लंबे समय से थारू समुदाय के लोग पांच फीसदी आरक्षण की मांग करते रहे हैं. इसी के मद्देनजर वाल्मीकि नगर की रैली में नीतीश कुमार ने थारू समुदाय के नब्ज को पकड़ने की कवायद की है. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को वाल्मीकि नगर में एक रैली को संबोधित करते हुई कहा, 'मुझे वोट की चिंता नहीं रहती है. आपने काम करने का मौका दिया तब काफी काम किया और फिर काम करने का मौका मिला तो आपके साथ बैठेंगे और कोई समस्‍या शेष रह गई हो तो समाधान करेंगे.' साथ ही उन्होंने कहा कि जिसकी जितनी आबादी है, उसे उसी हिसाब से आरक्षण दिया जाना चाहिए. हालांकि, नीतीश ने यह भी कहा कि किसकी कितनी आबादी है यह जनगणना से ही तय हो पाएगा और आरक्षण वाला फैसला अभी उनके हाथ में नहीं है. 

नीतीश कुमार ने वाल्मिकी नगर में ऐसे ही आबादी के आरक्षण का मुद्दा नहीं उठाया बल्कि इसके पीछे सोची समझी राजनीति है. बिहार में थारू समुदाय पहले ओबीसी वर्ग में आता था, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिला है. मौजूदा समय में एक फीसदी आरक्षण मिला रहा है, लेकिन थारू समुदाय के लोंगो की मांग पांच फीसदी की है. वाल्मिकी नगर इलाके में थारू समुदाय के लोग किंगमेकर माने जाते हैं. 

यही वजह है कि नीतीश कुमार ने वाल्मीकिनगर में थारू जनजाति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वे आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए पिछले कई साल से कोशिश कर रहे हैं. उनकी यह कोशिश तब से जारी है जब से वे अटल सरकार में रेल मंत्री थे. नीतीश कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति को आरक्षण मिलने से सबको इज्जत मिली है, सबको सम्मान मिला है. पहले भी इस जाति के लिए आरक्षण की मांग उठती रही है और जिसका नीतीश कुमार ने समर्थन किया है. 

वाल्मीकि नगर में थारू जनजाति के वोटों के राजनीतिक समीकरण को देखते हुए नीतीश कुमार का आरक्षण वाला यह बयान काफी अहम माना जा रहा है. नेपाल से सटे बिहार पश्चिम चंपारण जिले में थारू जनजाति के लोग रहते हैं, यहां उनकी आबादी करीब ढाई से तीन लाख है. वाल्मीकी नगर लोकसभा सीट के साथ-साथ जिले की तीन विधानसभा सीटों पर ये निर्णयक भूमिका में है. वाल्मीकि नगर, रामनगर समेत  सिकटा में थारू समुदाय की आबादी अच्छी खासी है, जिन्हें साधने के लिए नीतीश कुमार ने आरक्षण का बड़ा दांव चला है.

 

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