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अखिलेश प्रसाद सिंह: लालू यादव ने पहुंचाया था दिल्ली, आज कांग्रेस में उठाते हैं बड़ी जिम्मेदारी

बिहार कांग्रेस के नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह फिलहाल राज्यसभा सांसद की भूमिका निभा रहे हैं. 15 मार्च 2018 को, वह बिहार राज्य से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे. राज्यसभा सदस्य होने के बावजूद भी अखिलेश प्रसाद सिंह का राज्य की राजनीति में बड़ा दखल है.

राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मार्च 2018 में निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए थे अखिलेश
  • बिहार की नीतीश सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते हैं अखिलेश
  • बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की भी कई बार होती रही चर्चा

बिहार कांग्रेस के नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह फिलहाल राज्यसभा सांसद की भूमिका निभा रहे हैं. 15 मार्च 2018 को, वह बिहार राज्य से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे. राज्यसभा सदस्य होने के बावजूद भी अखिलेश प्रसाद सिंह का राज्य की राजनीति में बड़ा दखल है. यही वजह है कि राज्य के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी इनके ही कंधों पर होगी.

अखिलेश प्रसाद सिंह बिहार कांग्रेस के कैंपेन समिति के अध्यक्ष हैं. अखिलेश प्रसाद को बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की चर्चा भी कई बार होती रही है. बिहार में महागठबंधन का ढांचा तैयार करने में और बड़े दलों को महागठबंधन में बनाए रहने में अखिलेश प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. बिहार की नीतीश सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने वाले अखिलेश प्रसाद सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं.

आपको बता दें कि अखिलेश प्रसाद सिंह बिहार विधानसभा के पूर्व सदस्य एवं बिहार राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हैं. वे अरवल विधानसभा सीट से 2000-2004 तक विधायक रहे हैं. अखिलेश प्रसाद 2004 में भारत की चौदहवीं लोकसभा के सदस्य थे और मनमोहन सरकार में भारत के कृषि, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण के मंत्री भी थे. अखिलेश सिंह को उस वक्त आरजेडी के कोटे राज्य मंत्री बनाया गया था. उस वक्त अखिलेश प्रसाद लालू यादव की आरजेडी में हुआ करते थे. और मोतिहारी संसदीय सीट से चुनाव जीते थे. लेकिन लालू यादव से मनमुटाव होने के बाद वो कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

अखिलेश प्रसाद ने 2009 के आम चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर पूर्वी चंपारण से भाग्य आजमाया था लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी. इसके बाद अखिलेश प्रसाद सिंह ने 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के ही टिकट पर मुजफ्फरपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे. यही नहीं 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान भी अखिलेश प्रसाद तरारी विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन उन्हें सीपीआईएमएल के उम्मीदवार सुदामा प्रसाद के हाथों शिकस्त खानी पड़ी थी. जिसके बाद कांग्रेस ने 2018 में राज्यसभा जाने का मौका दिया.

बिहार के अरवल जिले के रहने वाले अखिलेश प्रसाद सिंह का जन्म 5 जनवरी 1962 को बिहार के जहानाबाद जिले में हुआ था. अखिलेश प्रसाद ने पटना विश्वविद्यालय से एमएससी और पीएचडी की डिग्री पूरी की है. अखिलेश प्रसाद सिंह की पत्नी का नाम वीना सिंह है. दोनों की दो संतानें हैं, एक बेटा और एक बेटी.

 

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