बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है, तीन चरणों में हुए चुनावों में इस बार कुल 59.94 फीसदी वोटिंग हुई है. अब 10 नवंबर को नतीजों का इंतजार है. बिहार की अमनौर विधानसभा सीट पर इस बार 3 नवंबर को वोट डाले गए, यहां कुल 56.55% मतदान हुआ. अमनौर विधानसभा सीट बिहार विधानसभा चुनावों में अहम सीटों में मानी जाती है. वर्तमान में यहां से भारतीय जनता पार्टी के नेता शत्रुघन तिवारी उर्फ चोकर बाबा विधायक हैं. उन्होंने पिछले चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार कृष्ण कुमार मंटू को हराया था. हालांकि, इस बार का मुकाबला दिलचस्प है क्योंकि एक तरफ बीजेपी और जेडीयू के उम्मीदवार टिकट पाने की कोशिश में लगे हैं तो वहीं आरजेडी के सामने बीजेपी-जेडीयू के दबदबे वाले इस क्षेत्र में सेंध लगाने की चुनौती है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
बिहार के सारण जिले में आने वाले अमनौर विधानसभा सीट पर सिर्फ दो बार चुनाव हुए हैं. दरअसल, यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद तरैया और मढ़ैरा विधानसभा क्षेत्रों से अलग होकर अस्तित्व में आई. इसके बाद इस सीट पर दो बार विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें यह सीट 2010 में जेडीयू और 2015 में बीजेपी के खाते में गई. 2010 में जेडीयू उम्मीदवार कृष्ण कुमार मंटू ने निर्दलीय उम्मीदवार सुनील कुमार को 10 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था. वहीं, 2015 के चुनावों में बीजेपी के शत्रुघन तिवारी ने जेडीयू के कृष्ण कुमार मंटू को हराया था.
सामाजिक ताना बाना
अमनौर विधानसभा सीट में 100 फीसदी ग्रामिण लोग हैं. यहां की ज्यादातर जनता खेती पर निर्भर है. बताया जाता है कि किसानों के लिए खेती और उसके लिए पानी की समस्या यहां के लिए इस बार भी मुद्दा हो सकती है. 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां करीब 351739 आबादी है. इसमें 12.74 फीसदी लोग अनुसूचित जाति से आते हैं.
2015 का जनादेश
2015 के विधानसभा चुनावों में यहां 54 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शत्रुघन तिवारी ने जनता दल (यूनाइटेड) के कृष्ण कुमार मंटू को 5251 वोटों के अंतर से हराया था. दोनों के बीच हार-जीत में करीब 4 फीसदी वोटों का अंतर था. 2015 में शत्रुघन तिवारी को 39134 वोट प्राप्त हुए थे. वहीं, जेडीयू के कृष्ण कुमार को 33883 वोट मिले थे.
इस सीट पर इस बार 14 उम्मीदवार मैदान में हैं. दूसरे चरण में 3 नवंबर 2020 को इस सीट पर वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.
इस बार के उम्मीदवार
शत्रुघन तिवारी सामाजिक तौर पर काफी एक्टिव रहते हैं. उन्हें लोगों के बीच रहने के लिए भी जाना जाता है. इसके अलावा वो समय-समय पर केंद्रीय मंत्रियों के साथ भी देखे गए हैं. कहा जाता है कि बीजेपी में उनकी अच्छी पकड़ है और क्षेत्र में भी.
कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान विधायक चोकर बाबा अचानक उस वक्त चर्चा में आ गए जब उन पर छपरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा था. डॉक्टर उनके रवैये से नाराज थे और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. चोकर बाबा ने चुनाव का ऐलान होने के बाद जनसंपर्क अभियान को तेज कर चुके हैं. हालांकि, देखना होगा कि इस बार एनडीए से किसे टिकट प्राप्त होता है.