दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी की करारी हार ने AAP के शीर्ष नेताओं के राजनीतिक करियर को संकट में डाल दिया है. अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की हार ने पार्टी को गंभीर झटका दिया है. शराब घोटाले में पार्टी के आरोपित होने से AAP का अस्तित्व सवालों के घेरे में है. इसके परिणामस्वरूप, केजरीवाल के पास अब कोई संवैधानिक पद नहीं है.