बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज है, जहां तेजस्वी यादव ने बड़े वादे किए हैं, वहीं महागठबंधन में सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है. तेजस्वी यादव ने जीविका दीदियों को ₹30,000 महीने की पक्की सरकारी नौकरी और सभी संविदा कर्मियों को स्थायी करने का ऐलान किया है. विपक्ष तेजस्वी के वादों को 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' बताकर हमलावर है, जबकि तेजस्वी का दावा है कि वे जो कहते हैं, वो करते हैं. अब सवाल यह है कि क्या तेजस्वी के वादे नीतीश कुमार के 1 करोड़ रोजगार के दावे पर भारी पड़ेंगे और क्या गठबंधन के अंदर की लड़ाई विपक्ष की राह मुश्किल कर देगी?