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रिसर्च लैब्‍स के पितामह हैं शांति स्‍वरूप भटनागर

भारत के जाने-माने वैज्ञानिक और केमिस्‍ट्री के प्रोफेसर सर शांति स्‍वरूप भटनागर का आज जन्‍मदिन है. काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्‍ट्र‍ियल रीसर्च (SCIR) के पहले महानिदेशक शांति स्‍वरूप के बारे में जानिये कई और महत्‍वपूर्ण बातें...  

शांति स्‍वरूप भटनागर शांति स्‍वरूप भटनागर

देश के जाने-माने वैज्ञानिक और शिक्षक शांति स्‍वरूप भटनागर का जन्‍म साल 1894 में 21 फरवरी को हुआ था. शांति स्‍वरूप भटनागर के बारे में जानिये महत्‍वपूर्ण बातें...

19 साल तक केमिस्‍ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं शांति स्‍वरूप भटनागर.

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काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्‍ट्र‍ियल रिसर्च के पहले महानिदेशक बने थे.

आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि केमिस्‍ट्री के प्रोफेसर और विज्ञान की दुनिया में रमे रहने वाले शांति स्‍वरूप कवि और अभिनेता भी थे. उन्‍होंने करामाती नाम की उर्दू नाटक की किताब भी लिखी है.

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शांति स्‍वरूप ने बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी में काम किया और उसी दौरान कुलगीत लिखा, जो यूनिवर्सिटी का प्रमुख गीत बन गया.

के एन माथुर के साथ मिलकर मैग्‍नेटिक चीजों को नापने में इस्‍तेमाल किए जाने वाले भटनागर-माथुर मैग्‍नेटिक इंटरफेयरेंस बैलेंस का आविष्‍कार किया.

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