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NEET Controversy: कपड़े उल्टे पहनवाए, खुलवाए बाल... लड़कियों को 'रिकॉर्डिंग' का डर!

NEET Controversy: इस वाकये से गुजरने वाली लड़कियां अब असहज महसूस कर रही हैं. उन्हें डर है कि जिस एग्जाम सेंटर पर उन्होंने कपड़े बदले क्या वो जगह सुरक्षित थी या नहीं? कहीं किसी ने छूपकर मोबाइल से रिकॉर्डिंग या फोटो तो नहीं खींच ली?

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नीट परीक्षा (फाइल फोटो)
नीट परीक्षा (फाइल फोटो)

NEET Controversy: नीट एग्जाम में ड्रेस कोड विवाद फिर से शुरू हो गया है. पिछले साल भी एग्जाम सेंटर लागू ड्रेस कोड पर उस समय विवाद शुरू हो गया था जब छात्राओं को एग्जाम हॉल में जाने से पहले ब्रा (इनर वियर) उतारने के लिए मजबूर किया गया. ऐसा करने वाले कई शिक्षकों को जांच के बाद सस्पेंड किया गया था, इसके बावजूद इस साल भी ऐसी ही घटनाएं सामने आ रही हैं. केरल और तमिलनाडु के बाद महाराष्ट्र के सांगली से ऐसी घटना सामने आई है. 

छात्रों को उल्टे कपड़े पहनने के लिए मजबूर किया
अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) 07 मई 2023 को सिंगल शिफ्ट में आयोजित किया गया था. नीट परीक्षा के दौरान सांगली के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने आए छात्रों के मामले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. यहां छात्रों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया था कि वे जो कपड़े पहनकर एग्जाम देने आए थे, उन्हें उल्टा करके पहनना होगा और चोटी खोलकर बाल खुले रखने होंगे.

अभिभावकों का फूटा गुस्सा
परीक्षा देने के बाद जब ये छात्र और छात्राएं एग्जाम सेंटर से निकले तो अभिभावकों की नजर पड़ी.उन्होंने बच्चों से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि एग्जाम सेंटर के एग्जाम कंडक्टर ने ऐसा करने के लिए कहा और जिन्होंने ऐसा नहीं किया, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई. इसलिए कपड़े उल्टा करके पहने और बालों को खोला. यह जानकर अभिभावक हैरान रह गए, उनका गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने इसकी शिकायत की और कुछ इसके खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. बहुत से अभिभावक कोर्ट के जरिये इसपर पाबंदी लगाने की मांग के लिए वकीलों से राय मांग रहे हैं.

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परीक्षा के बाद असहज महसूस कर रही हैं लड़कियां
सांगली में एग्जाम सेंटर पर परीक्षा देने वाले छात्रों ने अन्य एग्जाम सेंटर पर परीक्षा देने वाले अपने परिचित छात्रों से जब इसके बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ. इस वाकये से गुजरने वाली लड़कियां अब असहज महसूस कर रही हैं. उन्हें डर है कि जिस जगह पर कपडे बदले क्या वो जगह सुरक्षित थी या नहीं? कहीं किसी ने छूपकर मोबाइल से रिकॉर्डिंग या फोटो तो नहीं खींच ली?

एग्जाम देकर घर लौटीं लड़कियों के मन में इस तरह के कई डर घर कर रहे हैं. उन्होने यह भी आरोप लगाया है उनका मानसिक खच्चीकरण करने के लिए प्रशासन ने जानबूझकर ऐसी शर्त रखी थी. अभिभावक इस घटना की जांच कराने की मांग कर रहे हैं. क्योंकि यह घटना सिर्फ एक ही सेंटर पर हुई है.

(रिपोर्ट - स्वाति चिखलिकर)

 

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