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कहीं आप भी तो नहीं है भूकंप फोबिया के शिकार

बार-बार भूकंप आने की आशंका से कई लोगों को भूकंप फोबिया हो गया है, ऐसे में भूकंप फोबिया और अन्य कई प्रकार के फोबिया के बारे में जानिए सब कुछ......

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ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करते-करते अचानक मुझे लगने लगा कि सब कुछ घूम रहा है और मैंने यही समझा कि भूकंप आ गया है, जबकि भूकंप नहीं आया था. भूकंप का डर मेरे अंदर इतना ज्यादा बन गया था कि मेरे आस-पास की हर चीज मुझे घूमती हुई लगने लगी थी. इसके कारण मैं बीमार रहने लगी, यहां तक कि मुझे ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ी और डॉक्टर के पास जाना पड़ा. डॉक्टर से दिखाने के बाद अब मैं ठीक हूं. डॉक्टर और की अन्य लोगों से बात करने के बाद पता चला कि अकेले मैं ही नहीं हूं जो भूकंप फोबिया के शिकार हैं.

अगर आप भी हैं भूकंप फोबिया के शिकार तो फोबिया के बारे में जाने सब कुछ....

नेपाल और भारत के कई हिस्सों में आए लगातार भूकंप से अभी भी लोग काफी डरे हुए हैं . नेपाल में अभी भी लोग घरों में सो नहीं पा रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है अचानक तेज भूकंप न आ जाए. बार-बार भूकंप आने की आशंका से कई लोगों को भूकंप फोबिया हो गया है. भूकंप फोबिया से पीड़ित लोगों को हर चीज हिलती-डुलती हुई नजर आ रही है. भूकंप के दौरान इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्सवेब निकलती हैं, जिसका असर शरीर के अंगों के अलावा मानसिक हालत पर भी होता है.

भूकंप फोबिया के शिकार लोगों को हो सकता है माइग्रेन:
भूकंप फोबिया के शिकार ज्यादातर लोगों को माइग्रेन की समस्या हो सकती है. भूकंप आने के बाद सर दर्द करना या चक्कर आना एक आम समस्या है लेकिन कुछ लोगों पर भूकंप का इतना ज्यादा असर होता है कि वे माइग्रेन का शिकार हो जाते हैं.

क्या है फोबिया?
किसी खास व्यक्ति, जगह, वस्तु और परिस्थिति से डर उत्पन्न होना फोबिया कहलाता है. पीड़ित व्यक्ति इन चीजों से इतना डरता है कि उसका असर उसकी मानसिक हालत और शरीर पर होने लगता है.

फोबिया और डर में अंतर:
'फोबिया' ग्रीक शब्द Phobos से निकला है. फोबिया और डर, दोनों में अंतर है. डर एक इमोशनल रिस्पॉन्स है, जो किसी से धमकी मिलने या डांट पड़ने के कारण होता है. यह काफी कॉमन है और कोई बीमारी नहीं है. लेकिन फोबिया डर का एक खतरनाक लेवल है. फोबिया में डर इतना ज्यादा होता है कि इंसान इसे खत्म करने के लिए इंसान अपनी जान से भी खेल सकता है.

फोबिया के प्रकार
फोबिया के कुल मिलाकर 530 प्रकार होते हैं. लेकिन अब इनमें और भी इजाफा होता जा रहा है. कुछ सामान्य फोबिया के नाम यहां दिए जा रहे हैं...

1. नोक्‍टोफोबिया: आपने कई ऐसे लोगों को देखा होगा जो अंधेरे से डरते हैं, या आप खुद भी अंधेरे से डरते होंगे. इस डर को नोक्टोफोबिया कहा जाता है. नोक्टोफोबिया का शिकार व्यक्ति अकेले अंधेरे में बिल्कुल भी नहीं रहना चाहता है.

2. एक्‍वाफोबिया: आप ऐसे कई लोगों से मिले होंगे जो नदी, तालाब या समुद्र के किनारे नहीं जाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें पानी से डर लगता है. यह दुनिया का सबसे आम फोबिया है. इस फोबिया के शिकार व्यक्ति को गहरे पाने देखते ही चक्कर आने लगता है.

3. मोनोफोबिया: इस फोबिया में अकेलेपन से डर लगता है. ऐसे लोग कहीं भी अकेले जाने से डरते हैं. उन्हें लगता है कि वे किसी भी विपरित परिस्थिति का सामना नहीं कर सकते. ऐसे लोग खुद को एक कमरे में कैद कर लेते हैं.

4. एक्रोफोबिया: यह एक आम फोबिया है. एक्रोफोबिया में ऊंचाइयों से डर लगता है. किसी भी ऊंची ब्लिडिंग से नीचे देखने पर चक्कर आने लगना और तेज धड़कन चलने लगना. इस फोबिया के लक्ष्ण हैं.

5. सोशल फोबिया: इस फोबिया के शिकार सार्वजिनक स्थलों पर बोलने, जाने, बैठने यहां तक की खाने से भी डरते हैं. इस फोबिया में व्यक्ति के शिकार व्यक्ति ज्यादातर सार्वजिनिक स्थलों पर भागीदारी लेने से डरते हैं.

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