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पटना के डीएम साहब बनेंगे टीचर, बच्चों की लेंगे क्लास

सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद शिक्षा के स्तर में लगातार गिरावट आ रही है. ऐसे में पटना के जिलाधिकारी ने तय किया है कि सप्ताह में एक दिन किसी स्कूल में जाकर बच्चों की क्लास लेंगे.

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पटना के डीएम साहब बनेंगे टीचर, बच्चों की लेंगे क्लास
पटना के डीएम साहब बनेंगे टीचर, बच्चों की लेंगे क्लास

सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद शिक्षा के स्तर में लगातार गिरावट आ रही है. खास कर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई से ज्यादा मिड डे मील की चर्चा होती है, चाहे वो मेन्यू के अनुसार खाना न मिलना हो या अनाज का घोटाला. नियोजित शिक्षक जो बच्चों को पढ़ाते हैं, उनमें से अधिकतर शिक्षकों के खुद की पढ़ाई का स्तर क्या है यह सबको पता है.


ऐसे में शिक्षा में सुधार कैसे हो इसको लेकर लगातार चर्चाएं चलती रहती हैं. नए-नए प्रयोग होते हैं. इसी कड़ी में पटना के जिलाधिकारी संजय अग्रवाल एक अनूठा प्रयोग करने जा रहे हैं.जिलाधिकारी ने तय किया है कि सप्ताह में एक दिन किसी स्कूल में जाकर बच्चों की क्लास लेंगे. केवल वही नहीं बल्कि जितने भी जिले के प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी है वो सब किसी न किसी स्कूल में सप्ताह में एक दिन पढ़ाने जाएंगे.

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उद्देश्य साफ है कि स्कूलों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार हो. इस योजना की अनौपचारिक शुरुआत 26 जनवरी से हो गई. लेकिन औपचारिक शुरुआत 27 जनवरी से होगी. पटना के जिलाधिकारी 27 जनवरी को पटना के बांकीपुर गर्ल्स हाईस्कूल में बच्चों का क्लास लेंगे. वो अध्यापक की भूमिका में होंगे. अध्यापक की भूमिका में डीएम साहब बच्चों को नैतिक मूल्यों का फाठ पढ़ाएंगे. ताकि बच्चे भविष्य में प्रतिस्पर्धा की चुनौती को पार करने में सक्षम बने.


जिलाधिकारी ने बताया कि पदाधिकारियों के सरकारी स्कूल में जाकर पढ़ाने से बच्चों की उपस्थिति मिड-डे मील की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा. उनका मानना है इस तरह के पहल से बच्चों में उत्सुकता का वातावरण पैदा होगा.

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