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अमेरिका में बच्चे पढ़ेंगे भारत की आजादी से जुड़े किस्से

भारत में स्कूली किताबों में इतिहास से जुड़ी जानकारी लगातार बदलती रहती है और अब इस क्रम में अमेरिका भी जुड़ गया है. अब अमेरिका की स्कूलों में भारत के इतिहास से जुड़े कुछ किस्से पढ़ाए जाएंगे.

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फोटो- विकिपीडिया
फोटो- विकिपीडिया

अब अमेरिका की स्कूलों में भारत के इतिहास से जुड़े कुछ किस्से पढ़ाए जाएंगे. हाल ही में अमेरिका के अस्टोरिया शहर में हुए कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों ने कहा कि गदर पार्टी का इतिहास अब स्कूलों में पढ़ाया जाएगा. इस पार्टी की 105 साल पूरे होने पर ओरेगन राज्य में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई.

गदर पार्टी वो पार्टी थी, जिसने भारत की पूरी आजादी की मांग की थी और उसने साम्राज्यवाद के खिलाफ हथियारबंद संघर्ष का ऐलान किया था. बता दें कि गदर पार्टी कनाडा और अमरीका में प्रवासी भारतीयों ने 1913 में बनाई थी. इसके संस्थापक अध्यक्ष सरदार सोहन सिंह भाकना थे. पार्टी का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में था.

21 अप्रैल, 1913 को अमेरिका में भारतीयों ने गदर पार्टी की स्थापना की और 'गदर' नाम का साप्ताहिक अखबार निकालने का फैसला किया जिसकी जिम्मेदारी करतार सिंह सराभा को सौंपी गई. इस अखबार में देशभक्ति से पूर्ण जोशीली कविताएं छपती थीं जिसका लोगों पर काफी असर हुआ. इस पार्टी के पीछे लाला हरदयाल की सोच थी. वे अमेरिका गए और उन्होंने भारतीय प्रवासियों को जोड़ना शुरू किया और गदर पार्टी की स्थापना की.

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असफल रही थी पार्टी

गदर पार्टी ने अंग्रेजों के खिलाफ देश में विद्रोह के लिए 21 फरवरी, 1915 का दिन तय किया था. लेकिन गद्दार मुखबिर किरपाल सिंह ने ब्रिटिश सरकार को इसकी सूचना दे दी. इस बात की भनक जब क्रांतिकारियों को लगी तो उनलोगों ने विद्रोह की तारीख 19 फरवरी कर दी, इसके बारे में भी अंग्रेजों को पता लगा गया. इसके बाद अंग्रेज शासन ने उनलोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी.

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