राजस्थान बोर्ड 10वीं के नतीजों में पिछले 7 सालों से एक ट्रेंड बिल्कुल साफ है, बेटियां लड़कों से आगे निकल रही हैं. चाहे कुल पास प्रतिशत हो या मेरिट लिस्ट में टॉप करना, राजस्थान की बेटियां हर मोर्चे पर अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं.
आंकड़ों की जुबानी:
2025: लड़कियों का पास प्रतिशत 94.08% रहा, जबकि लड़के 91.20% पर सिमट गए.
2024: यहां भी बेटियों ने करीब 2.5% की बढ़त बनाई थी.
2023: ग्रामीण इलाकों की बेटियों ने शहरी छात्रों को पछाड़कर सबको चौंका दिया था.
इस साल करीब 4.8 लाख छात्राओं ने 10वीं की परीक्षा दी है. जानकारों का मानना है कि 'गार्गी पुरस्कार' जैसी योजनाओं और समाज में बढ़ती जागरूकता की वजह से बेटियां अब ज्यादा संजीदगी से पढ़ाई कर रही हैं. आज दोपहर जब रिजल्ट का बटन दबेगा, तो उम्मीद है कि एक बार फिर बेटियों का ही परचम लहराएगा.
गौरतलब है कि इस बार Board of Secondary Education Rajasthan इतिहास बनाने जा रहा है. पहली बार ऐसा होगा जब 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले जारी किया जाएगा. इतना ही नहीं, बोर्ड के इतिहास में यह भी पहला मौका होगा जब कक्षा 10वीं का परिणाम मार्च महीने में घोषित किया जाएगा.
दरअसल, राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र (2026-27) शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इसी वजह से बोर्ड प्रशासन ने मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज किया और अब सबसे पहले 10वीं का रिजल्ट जारी करने की तैयारी है.इस साल बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हुई थीं और 10वीं की परीक्षा में करीब 10 लाख 68 हजार 109 छात्र शामिल हुए थे.