scorecardresearch
 
Advertisement
एजुकेशन

ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान

ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 1/8
1999 में हुए करगिल युद्ध को 26 जुलाई को 20 साल पूरे हो गए हैं. आज से ठीक 20 साल पहले सरहद पर भारत ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ाते हुए घुसपैठियों को करगिल की पहाड़ियों से वापस खदेड़ दिया था. इस लड़ाई में भारतीय सेना के करीब 522 जवान शहीद हुए थे तो वहीं, 1363 घायल हुए थे.  वहीं विजय भारत की हुई थी. आइए इसी मौके पर जानते हैं करगिल के जांबाज जवानों के बारे में.
ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 2/8
जानें- करगिल युद्ध के बारे में

करगिल युद्ध 18 हजार फीट की ऊंचाई पर 3 जुलाई से 26 जुलाई के बीच लड़ा गया था. इस युद्ध में भारत के 522 जवान शहीद हुए थे. इनमें 26 अफसर, 23 जेसीओ और 473 जवान शामिल थे. घायल सैनिकों की तादाद 1363 थी. करगिल की ऊंची चोटियों पर पाकिस्तानी सैनिकों ने कब्जा जमा लिया था. यहां करीब 5 हजार पाकिस्तानी सैनिक मौजूद थे. युद्ध में पाकिस्तान के 453 सैनिक मारे गए थे.


ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 3/8
विक्रम बत्रा

विक्रम बत्रा भारतीय सेना के वो ऑफिसर थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की. जिसके बाद उन्हें भारत के वीरता सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया. 19 जून, 1999 को कैप्टन विक्रम बत्रा की लीडरशिप में इंडियन आर्मी ने घुसपैठियों से प्वांइट 5140 छीन लिया था. ये बड़ा इंपॉर्टेंट और स्ट्रेटेजिक प्वांइट था, क्योंकि ये एक ऊंची, सीधी चढ़ाई पर पड़ता था.वहां छिपे पाकिस्तानी घुसपैठिए भारतीय सैनिकों पर ऊंचाई से गोलियां बरसा रहे थे. इसे जीतते ही विक्रम बत्रा अगले प्वांइट 4875 को जीतने के लिए चल दिए, जो सी लेवल से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था और 80 डिग्री की चढ़ाई पर पड़ता था.


Advertisement
ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 4/8
राजेश सिंह अधिकारी

करगिल युद्ध के दौरान मारे गए  राजेश सिंह अधिकारी  को मरणोपरांत दूसरे सर्वोच्च भारतीय सैन्य सम्मान महा वीर चक्र से सम्मानित किया गया था.
ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 5/8
मेजर विवेक गुप्ता

राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट मेजर विवेक गुप्ता भी करगिल युद्ध में शहीद हुए थे. उनका जन्म 1970 में देहरादून में हुआ था. उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से नवाजा गया था.


ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 6/8
दिगेंद्र कुमार

महावीर चक्र विजेता, भारतीय सेना की 2 राजपूताना राइफल्स में थे. उन्होंने करगिल युद्ध के समय जम्मू कश्मीर में तोलोलिंग पहाड़ी की बर्फीली चोटी को मुक्त करवाकर 13 जून 1999  की सुबह चार बजे तिरंगा लहराते हुए भारत को प्रथम सफलता दिलाई  थी. जिसके बाद उन्हें भारत सरकारी की ओर से  महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था.

ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 7/8
कैप्टन अनुज नैय्यर


कैप्टन अनुज नैय्यर करगिल युद्ध में ऐसा नाम था जिन्होंने  24 साल की उम्र में देश  के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी थी.  बता दें, वह विक्रम बत्रा के साथ ही थे. जिस वक्त  अनुज नैय्यर करगिल युद्ध में शामिल हुए थे, उस वक्त उनकी उम्र 22 साल की थी. देश के लिए वह 7 जुलाई करगिल युद्ध में शहीद हो गए थे.


ये थे करगिल युद्ध के 6 जांबाज जवान, जिन्होंने दी थी देश की खातिर जान
  • 8/8
कैप्टन विजयंत थापर


करगिल की जंग में शहीद हुए भारतीय सेना के जवान कैप्टन विजयंत थापर को सेना में सिर्फ 6 महीने ही हुए थे, जब करगिल युद्ध (भारत-पाकिस्तान) छिड़ गया था और थापर इस जंग में देश के लिए कुर्बानी देने वाले सबसे कम उम्र जांबाज थे. बचपन से ही विजयंत का सपना आर्मी ज्वाइन करने का था. मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विजयंत थापर ने शहादत से पहले 13 जून 1999 को तोलोलिंग की पहाड़ियों पर जीत का झंडा फहराया था. 
उन्होंने एक खत लिखा था, जिसमें लिखा हुआ था, 'मेरा यह खत जब तक आपके पास पहुंचेगा, मैं आप सबको आसमान से देख रहा होऊंगा. अगर मैंने फिर मनुष्य का जन्म लिया तो एक बार फिर सेना में भर्ती होकर देश के लिए लड़ना चाहूंगा.


Advertisement
Advertisement